Asaduddin Owaisi: AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी सोमवार शाम 7 बजे उत्तर प्रदेश के बिजनौर पहुंचे। यहां उन्होंने राम मंदिर चंदा चोरी मामले को लेकर बयान दिया। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट से गलती हुई है। अगर ट्रस्ट में किसी मुसलमान को सदस्य बना दिया जाता और फिर उसे गोली मार दी जाती तो पूरा मामला खत्म हो जाता। लेकिन अब चंपक का मामला सामने आ रहा है, इस पर वह क्या कह सकते हैं।
ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी कई वर्षों से उत्तर प्रदेश में संगठन को मजबूत करने का काम कर रही है। पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटी हुई है। इसके बाद शाम करीब 7:30 बजे उन्होंने नजीबाबाद में आयोजित ‘पैगाम ए इत्तेहाद’ कार्यक्रम में जनसभा को संबोधित किया।
जनसभा में सपा, भाजपा और आरएसएस पर निशाना
जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने समाजवादी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी समाजवाद की राजनीति नहीं करती, बल्कि ‘यादववाद’ की राजनीति करती है।उन्होंने कहा कि आने वाले विधानसभा चुनावों में प्रदेश के राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं। अगर कोई राजनीतिक दल AIMIM के साथ गठबंधन करना चाहता है तो उनकी पार्टी बातचीत के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि अब केवल दरी बिछाने की नहीं, बल्कि राजनीतिक हिस्सेदारी की बात होगी।

Asaduddin Owaisi: राम मंदिर ट्रस्ट और चंदे के विवाद का किया जिक्र
ओवैसी ने उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा में पेपर लीक के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा कि इससे युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है और सरकार इस मामले में जवाब देने में असफल रही है।राम मंदिर ट्रस्ट और चंदे से जुड़े विवाद का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अगर ट्रस्ट में किसी मुसलमान को सदस्य बनाया गया होता तो विवाद की स्थिति में उसी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करके मामला खत्म कर दिया जाता।
AIMIM लोगों को नेता बनाने की लड़ाई लड़ रही है
ओवैसी ने भाजपा पर सांप्रदायिक राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि संभल की मस्जिद को ‘शहीद’ कर दिया गया है और अब दूसरी मस्जिदों को भी नोटिस दिए जा रहे हैं।उन्होंने कहा कि अगर मुसलमान सिर्फ वोटर बनकर रहेंगे तो उनके बच्चों का भविष्य बेहतर नहीं हो पाएगा। AIMIM लोगों को केवल वोट देने वाला नहीं, बल्कि नेतृत्व करने वाला बनाने की लड़ाई लड़ रही है।ओवैसी ने कहा कि पिछले 70 वर्षों से राजनीतिक दलों ने मुसलमानों को नेतृत्व का अवसर नहीं दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा मुसलमानों को टिकट नहीं देती, जबकि समाजवादी पार्टी ने उन्हें गुलाम बनाकर रखा। उन्होंने कहा कि मुसलमानों को केवल वोटर बनकर नहीं रहना चाहिए।

भाजपा को रोकने के लिए गठबंधन को तैयार
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि भाजपा को सत्ता में आने से रोकने के लिए उनकी पार्टी किसी भी दल के साथ गठबंधन करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए पार्टी पूरी गंभीरता के साथ तैयारी कर रही है।
चुनाव कभी भी हों, तैयारी जरूरी
उत्तर प्रदेश में समय से पहले विधानसभा चुनाव कराए जाने की चर्चाओं पर ओवैसी ने कहा कि चुनाव कराने का अधिकार चुनाव आयोग के पास है। आयोग चाहे तो समय से पहले भी चुनाव करा सकता है। इसका फैसला चुनाव आयोग ही करेगा।उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी को यह जानकारी नहीं है कि चुनाव कब होंगे, लेकिन हर राजनीतिक दल को हमेशा चुनाव के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए आयोजित किया गया है।
ओवैसी ने कहा कि इससे पहले मटेरा की सभा में भी उन्होंने साफ किया था कि भाजपा को सत्ता में आने से रोकने के लिए AIMIM किसी भी पार्टी के साथ गठबंधन करने के लिए तैयार है।

नजीबाबाद विधानसभा सीट पर AIMIM की नजर
ओवैसी को सुनने के लिए बड़ी संख्या में लोग आजाद चौक पहुंचे। नजीबाबाद विधानसभा सीट को मुस्लिम बहुल क्षेत्र माना जाता है। यहां दलित-मुस्लिम समीकरण चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।नजीबाबाद सीट साल 2012 से पहले आरक्षित सीट थी। साल 2007 से 2012 तक बहुजन समाज पार्टी के शीशराम सिंह यहां से विधायक रहे। सीट सामान्य होने के बाद बसपा के टिकट पर तस्लीम अहमद विधायक बने।
बाद में तस्लीम अहमद समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए। उन्होंने 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में सपा के टिकट पर जीत हासिल की। वर्तमान में नजीबाबाद सीट से हाजी तस्लीम सपा विधायक हैं।साल 2007 से पहले यह सीट मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के पास थी और उस समय मास्टर रामस्वरूप यहां से विधायक रहे थे।
उत्तर प्रदेश में सक्रिय हो रहे ओवैसी
असदुद्दीन ओवैसी इससे पहले बहराइच में भी एक कार्यक्रम में शामिल हो चुके हैं। हालांकि पिछले विधानसभा चुनावों में उनकी पार्टी को उत्तर प्रदेश में बड़ी सफलता नहीं मिली थी।लेकिन हाल के बिहार विधानसभा चुनावों में AIMIM के प्रदर्शन ने राजनीतिक हलकों में चर्चा पैदा की थी। अब ओवैसी उत्तर प्रदेश में अपनी पार्टी को मजबूत करने और आगामी विधानसभा चुनावों के लिए संगठन तैयार करने में जुटे हुए हैं।
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