Ayodhya Ram Temple: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्यों के बीच भी आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं। पहली बार ट्रस्ट के ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास महाराज ने पूर्व पदाधिकारी गोपाल राव पर खुलकर आरोप लगाए।उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की जिम्मेदारी गोपाल राव की है। उनके अनुसार, गोपाल राव राजनीति कर रहे हैं, सभी को उलझा देते हैं और राम की परंपरा का पालन नहीं करते। गोपाल राव पहले राम मंदिर निर्माण प्रभारी और ट्रस्ट के आमंत्रित सदस्य रह चुके हैं। वह मूल रूप से कर्नाटक के निवासी हैं।
आरोपियों के मकानों पर चल सकता है बुलडोजर
सूत्रों के अनुसार, सरकार चढ़ावा चोरी के आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी कर रही है। प्रशासन ने उनके नए बने मकानों की जांच शुरू कर दी है। अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) ने ऐसे मकानों की पहचान कर ली है जिनका नक्शा स्वीकृत नहीं है या निर्माण नियमों का उल्लंघन किया गया है।जिन मकानों पर कार्रवाई की संभावना है, उनमें आरोपी लवकुश मिश्रा का शहादतगंज स्थित निर्माणाधीन मकान और अनुकल्प मिश्रा का कौशल पुरी स्थित मकान शामिल है। ADA आज ही दोनों को नोटिस जारी कर सकता है।

आज अनिल मिश्रा से हो सकती है पूछताछ
पुलिस ने 30 जून को अयोध्या जेल में बंद आरोपी अविनाश शुक्ला से पूछताछ की थी। इसके बाद जांच आगे बढ़ाई जा रही है।रविवार को ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से करीब तीन घंटे तक पूछताछ हुई थी। अब उनके बयानों का मिलान करने के लिए आज ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्रा से पूछताछ हो सकती है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाएंगी कि आरोपी लवकुश मिश्रा और अनुकल्प मिश्रा की नियुक्ति में उनकी क्या भूमिका थी।
Ayodhya Ram Temple: मामले की पूरी टाइमलाइन
राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला पहली बार 7 जून को सामने आया था। इसके बाद 13 जून को उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। जांच आगे बढ़ने पर 25 जून को इस मामले में पहली FIR दर्ज की गई। उसी दिन रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। मामले के तूल पकड़ने के बाद इसी दिन श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
डिप्टी सीएम केशव मौर्य का बयान
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव इस मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं, जिससे उनकी पार्टी को नुकसान हो रहा है।उन्होंने कहा कि राम जन्मभूमि आंदोलन के लिए चंपत राय सहित कई लोगों ने वर्षों तक तपस्वियों की तरह कार्य किया है और इस घटना से वे भी दुखी हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जो भी चोरी करेगा या गलत काम करेगा, उसके खिलाफ निश्चित रूप से कार्रवाई होगी।फैजाबाद बार एसोसिएशन के सदस्यों ने चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव के खिलाफ FIR दर्ज करने के लिए पुलिस को शिकायत दी है।
मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला के भाई अमित शुक्ला का एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में वह हाथ में नोटों की गड्डियां लिए दिखाई दे रहा है। पुलिस इस वीडियो की जांच कर रही है।
मंत्रियों ने क्या कहा
यूपी सरकार के मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि राम मंदिर 500 वर्षों के संघर्ष और लाखों लोगों के बलिदान के बाद बना है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के नेता आज तक राम मंदिर दर्शन करने नहीं गए, इसलिए उन्हें इस मुद्दे पर सवाल उठाने का अधिकार नहीं है। उन्होंने बताया कि निष्पक्ष जांच के लिए SIT को अतिरिक्त समय दिया गया है।केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल ने कहा कि हर अपराध अपराध होता है, लेकिन इस प्रकार के मामले को लोग भावनात्मक रूप से अधिक गंभीर मानते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि SIT जांच के बाद पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी।
यूपी सरकार के मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने कहा कि जांच जारी है, कार्रवाई भी हो रही है और सभी तथ्य सामने आने के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।यूपी भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि विपक्ष सवाल उठाता है, लेकिन SIT की रिपोर्ट आने के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ा जाएगा।
महंत दिनेंद्र दास ने फिर दोहराए आरोप
महंत दिनेंद्र दास महाराज ने एक बार फिर कहा कि गोपाल राव सभी को भ्रमित करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश के अन्य ट्रस्टी राम की परंपरा का पालन कर रहे हैं, लेकिन गोपाल राव ऐसा नहीं करते। उनके अनुसार, इस पूरे विवाद के लिए गोपाल राव ही जिम्मेदार हैं और वे राजनीति कर रहे हैं।राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की विस्तृत रिपोर्ट राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत को भेज दी गई है।
यह रिपोर्ट पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्र प्रचारक अनिल कुमार ने तैयार की है। संघ प्रमुख के निर्देश पर उन्होंने अयोध्या में तीन दिन तक रहकर जांच की थी।सूत्रों के मुताबिक रिपोर्ट में मंदिर की व्यवस्थाओं, ट्रस्ट के कामकाज और चढ़ावा चोरी से जुड़े सभी पहलुओं का उल्लेख किया गया है। 6 जुलाई को होने वाली ट्रस्ट की बैठक में इस रिपोर्ट के आधार पर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं।
बार एसोसिएशन कोर्ट जाने की तैयारी में
अयोध्या बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्र ने कहा कि 2 जुलाई को दोपहर 12 बजे संगठन राम जन्मभूमि थाने में शिकायत देगा। यदि पुलिस FIR दर्ज नहीं करती है तो संगठन अदालत का दरवाजा खटखटाएगा।
Ayodhya Ram Temple: बरामदगी में बड़ा खुलासा
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सबसे अधिक नकदी आरोपी अविनाश शुक्ला के पास से बरामद हुई। उसके पास से 20,39,220 रुपए नकद, 1121 अमेरिकी डॉलर (करीब 1,06,667.10 रुपए), चांदी जैसी एक धातु, सोने की दो चेन और एक अंगूठी मिली। वहीं, अनुकल्प मिश्रा के पास से 16,82,040 रुपए, लवकुश मिश्रा से 14,25,000 रुपए, रमाशंकर मिश्रा से 7,32,170 रुपए, रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू से 1 लाख रुपए, करुणेश पांडेय से 18,07,063 रुपए और मनीष यादव से 2 लाख रुपए बरामद किए गए। इस तरह इस मामले में अब तक कुल 79.85 लाख रुपए नकद और 1121 अमेरिकी डॉलर की बरामदगी हो चुकी है।
SIT को मिला और समय
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने SIT की जांच अवधि बढ़ाकर 15 जुलाई तक कर दी है।SIT ने गहन जांच के लिए अतिरिक्त समय मांगा था, जिसे सरकार ने मंजूर कर लिया। अब टीम को 15 जुलाई तक अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपनी होगी।23 जून को SIT प्रमुख और लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने गृह विभाग को प्रारंभिक रिपोर्ट दी थी। इसके बाद 25 जून को ट्रस्ट सदस्य कृष्णमोहन की शिकायत पर पहली FIR दर्ज हुई थी।
ट्रस्ट अध्यक्ष की तबीयत बिगड़ी
राम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास महाराज की तबीयत खराब होने के बाद उन्हें लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इससे पहले जनवरी में भी उनकी तबीयत बिगड़ी थी और उसी अस्पताल में उनका इलाज हुआ था।राम मंदिर में पिछले 17 वर्षों से तैनात रेडियो ऑपरेशन अधिकारी (RMO) अर्जुन देव का तबादला गोरखपुर कर दिया गया है।SIT उनकी भूमिका की भी जांच कर रही है। मंदिर के काउंटिंग रूम के CCTV और पूरे परिसर में लगे 1600 कैमरों की निगरानी की जिम्मेदारी उन्हीं के पास थी।
सूत्रों के अनुसार, SIT रिपोर्ट में उनकी 17 साल की तैनाती और ट्रस्ट के कार्यों में हस्तक्षेप का भी उल्लेख किया गया है। अर्जुन देव 2009 से अयोध्या में तैनात थे। इस दौरान कई बार उनके तबादले के आदेश जारी हुए, लेकिन हर बार रोक दिए गए। हाल ही में लखनऊ तबादले का आदेश भी रद्द कर दिया गया था।
6 जुलाई को होगी ट्रस्ट की बैठक
राम मंदिर ट्रस्ट की अगली बैठक अब 6 जुलाई को अयोध्या में होगी। पहले यह बैठक 11 जुलाई को प्रस्तावित थी।सूत्रों के मुताबिक इस बार बैठक मणिरामदास जी की छावनी के बजाय कारसेवक पुरम में आयोजित की जा सकती है।सूत्रों के अनुसार, यदि चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार नहीं भी होते हैं, तब भी उनकी मुश्किलें कम नहीं होंगी।बताया जा रहा है कि SIT अपनी अंतिम रिपोर्ट में चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव को जिम्मेदार मान सकती है। जांच में सामने आया है कि उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों का सही तरीके से निर्वहन नहीं किया। सूत्रों के मुताबिक SIT रिपोर्ट आने के बाद इनके खिलाफ FIR दर्ज हो सकती है।
सभी आरोपी 14 दिन की न्यायिक हिरासत में
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के सभी आरोपियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेशी हुई।करीब 30 मिनट चली सुनवाई के दौरान पुलिस ने रिमांड की मांग नहीं की। इसके बाद अदालत ने सभी आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अब अगली सुनवाई 13 जुलाई को होगी। तब तक सभी आरोपी जेल में रहेंगे।
Ayodhya Ram Temple: SBI कर्मचारियों के खातों की जांच
जांच का दायरा बढ़ाते हुए पुलिस ने भारतीय स्टेट बैंक की अयोध्या और अयोध्या धाम क्षेत्र की तीन से अधिक शाखाओं में कार्यरत कर्मचारियों के बैंक खातों का विवरण मांगा है।सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियां आरोपियों के बैंक लेनदेन और संभावित वित्तीय नेटवर्क की जांच कर रही हैं। इसी उद्देश्य से संबंधित कर्मचारियों के बैंक खातों और लेनदेन का रिकॉर्ड तलब किया गया है।पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित रूप से चोरी की गई दानराशि किन खातों तक पहुंची और इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं रही। फिलहाल इस विषय पर पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
आरोपियों के घरों पर एक साथ छापेमारी
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जेल में बंद सभी 8 आरोपियों के घरों पर 28 जून की सुबह करीब 7 बजे पुलिस की 8 टीमों ने एक साथ छापेमारी की।तीन आरोपियों के घरों पर ताला मिला, जिसके बाद पुलिस ने पड़ोसियों से पूछताछ की।चंपत राय के करीबी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के घर पर भी ताला लगा मिला। आरोपी अनुकल्प मिश्रा के घर से खरीदी गई संपत्तियों के दस्तावेज, बैंक खातों की जानकारी, एक डायरी और कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले। पुलिस का मानना है कि डायरी इस पूरे मामले से जुड़ी अहम जानकारी दे सकती है।
इस कार्रवाई में राजस्व विभाग के अधिकारी, विशेष रूप से लेखपाल भी शामिल रहे। सुबह से दोपहर करीब 3 बजे तक लगभग आठ घंटे तक जांच चली। इस दौरान यह भी जांचा गया कि राम मंदिर से जुड़ने के बाद आरोपियों की जीवनशैली में क्या-क्या बदलाव आए।
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