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राम मंदिर के बाद अब बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे को लेकर विवाद, BKTC ने जांच के दिए निर्देश कहा- दोषी पाए जाने पर होगी कार्रवाई

Badrinath Dham temple donation theft allegations

Badrinath Dham: उत्तराखंड के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे और दान की राशि में कथित गड़बड़ी के आरोप सामने आने के बाद मामला तूल पकड़ता नजर आ रहा है। सोशल मीडिया पर दान की रकम में अनियमितता और हेराफेरी के दावे किए जाने के बाद श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। हालांकि अब तक इन आरोपों के समर्थन में कोई ठोस या आधिकारिक प्रमाण सामने नहीं आया है, फिर भी श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस संवेदनशील मामले को देखते हुए प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया है।

BKTC ने बनाई जांच समिति

मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए BKTC अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि यह विषय करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा हुआ है, इसलिए निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित जांच जरूरी है। उन्होंने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच के लिए एक समिति का गठन किया गया है। अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी और यदि किसी भी कर्मचारी की संलिप्तता या लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही दान की गिनती से जुड़े कर्मचारियों से भी विस्तृत जवाब मांगा गया है।

Badrinath Dham: सोशल मीडिया पर किया जा रहा दावा

वहीं इस मामले में सोशल मीडिया पर दावा किया गया था कि मंदिर समिति के अध्यक्ष के निजी सचिव का इस मामले से संबंध है। इस पर BKTC अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि उनका कोई निजी सचिव नहीं है। उन्होंने कहा कि जिस कर्मचारी का नाम इस विवाद से जोड़ा जा रहा है, वह मंदिर समिति का नियमित कर्मचारी है और इससे पहले भी तीन पूर्व अध्यक्षों के साथ कार्य कर चुका है।

CCTV जांच में क्या सामने आया?

मंदिर समिति के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि दान गिनती कक्ष में लगे CCTV कैमरों की फुटेज की जांच की गई है, लेकिन अब तक किसी प्रकार की अनियमितता या गड़बड़ी के स्पष्ट प्रमाण सामने नहीं आए हैं। उन्होंने कहा कि जांच प्रक्रिया जारी है और यदि भविष्य में किसी भी स्तर पर गड़बड़ी या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

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