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बांग्लादेश में खसरे का बढ़ता कहर: 24 घंटे में 4 बच्चों की मौत, मृतकों का आंकड़ा 712 पहुंचा

Bangladesh khasra:

Bangladesh khasra: बांग्लादेश में खसरे का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार सुबह 8 बजे तक बीते 24 घंटों में खसरे जैसे लक्षणों के कारण 4 बच्चों की मौत हो गई। इसके साथ ही देश में संदिग्ध और पुष्टि किए गए मामलों को मिलाकर मृतकों की कुल संख्या बढ़कर 712 हो गई है।

स्वास्थ्य विभाग ने जारी किए ताजा आंकड़े

बांग्लादेश के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) के अनुसार, हाल में हुई चारों मौतों को संदिग्ध खसरा मौत की श्रेणी में रखा गया है। विभाग ने स्पष्ट किया कि इनमें से किसी भी बच्चे में लैब जांच से खसरे की पुष्टि नहीं हुई थी। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अब तक संदिग्ध संक्रमण के कारण 619 बच्चों की मौत हुई है, जबकि लैब से पुष्टि किए गए खसरे के मामलों में मृतकों की संख्या 93 बनी हुई है।

Bangladesh khasra: 24 घंटे में 941 नए संदिग्ध मामले

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों में खसरे के 941 नए संदिग्ध मामले दर्ज किए गए। इस दौरान 889 बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि 865 मरीज इलाज के बाद स्वस्थ होकर घर लौटे। इसी अवधि में 116 नए लैब-कन्फर्म मामले भी सामने आए। देशभर में अब तक संदिग्ध मामलों की कुल संख्या 99,207 और पुष्टि किए गए मामलों की संख्या 11,710 तक पहुंच गई है।

Bangladesh khasra: 82 हजार से अधिक मरीज अस्पताल में भर्ती

डीजीएचएस के मुताबिक, 10 अप्रैल से अब तक 82,844 संदिग्ध मरीजों को अस्पतालों में भर्ती किया गया, जिनमें से 79,152 मरीज इलाज के बाद स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं।

विशेषज्ञों ने बताए दो बड़े कारण

बांग्लादेश के प्रमुख समाचार पत्र द डेली स्टार के अनुसार, स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि खसरे के मामलों में कमी नहीं आने के दो प्रमुख कारण हैं। पहला, देशभर में 95 प्रतिशत टीकाकरण कवरेज का लक्ष्य अभी तक हासिल नहीं हो सका है। दूसरा, अस्पतालों और समुदायों में संक्रमण रोकथाम एवं नियंत्रण संबंधी उपायों का प्रभावी पालन नहीं हो रहा है।

टीकाकरण व्यवस्था पर भी उठे सवाल

इस महीने की शुरुआत में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने आरोप लगाया था कि अंतरिम सरकार की नई वैक्सीन खरीद प्रणाली के कारण राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम प्रभावित हुआ, जिससे खसरे के प्रकोप की स्थिति और गंभीर हो गई। हालांकि, इस आरोप पर अंतरिम सरकार की ओर से अलग रुख सामने आया है।

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