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ढाका में नई चाल! बांग्लादेश में बढ़ते तनाव के बीच दिनेश त्रिवेदी बने भारत के हाई कमिश्नर

Bangladesh news: बांग्लादेश में हिंदुओं पर बढ़ती हिंसा और बदलते सियासी हालात के बीच भारत ने बड़ा और अलग तरह का फैसला लिया है। बीजेपी नेता दिनेश त्रिवेदी को ढाका में भारत का नया हाई कमिश्नर नियुक्त किया गया है। वे मौजूदा हाई कमिश्नर प्रणय वर्मा की जगह लेंगे। खास बात यह है कि आमतौर पर इस पद पर IFS अधिकारी नियुक्त होते हैं, लेकिन इस बार सरकार ने एक वरिष्ठ राजनीतिक चेहरे पर भरोसा जताया है।

कौन हैं दिनेश त्रिवेदी

दिनेश त्रिवेदी पश्चिम बंगाल की राजनीति का जाना-पहचाना चेहरा रहे हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत कांग्रेस से की थी, फिर जनता दल और उसके बाद तृणमूल कांग्रेस में लंबे समय तक सक्रिय रहे। साल 2021 में उन्होंने बीजेपी जॉइन की। वे तीन बार लोकसभा सांसद और राज्यसभा सदस्य रह चुके हैं। यूपीए सरकार में उन्होंने रेल मंत्री और स्वास्थ्य राज्य मंत्री जैसे अहम पद संभाले। 2012 में रेल बजट के दौरान किराया बढ़ाने के फैसले को लेकर वे विवादों में भी रहे और अंततः उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था।

Bangladesh news: क्यों खास है यह नियुक्ति

दिनेश त्रिवेदी की नियुक्ति इसलिए अहम मानी जा रही है क्योंकि भारत ने पहली बार इस तरह के संवेदनशील पड़ोसी देश में एक अनुभवी राजनीतिक नेता को राजनयिक जिम्मेदारी दी है। इसे भारत की विदेश नीति में एक नए प्रयोग के तौर पर देखा जा रहा है।

Bangladesh news: बांग्लादेश में बदलते हालात

साल 2024 में शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद बांग्लादेश की राजनीति में बड़ा बदलाव आया है। नए प्रधानमंत्री तारिक रहमान के कार्यकाल में भारत-बांग्लादेश संबंधों में तनाव देखने को मिला है। ऐसे में यह नियुक्ति दोनों देशों के रिश्तों को संभालने की एक रणनीतिक कोशिश मानी जा रही है।

क्या होगा त्रिवेदी का रोल

पश्चिम बंगाल से गहरा जुड़ाव और बांग्ला भाषा-संस्कृति की समझ दिनेश त्रिवेदी को इस भूमिका में बढ़त दे सकती है। सीमा विवाद, व्यापार, ऊर्जा, शरणार्थी और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर उनका राजनीतिक अनुभव काम आ सकता है।

क्या बदल सकती है भारत की कूटनीति?

Bangladesh news: इस फैसले को संकेत माना जा रहा है कि भारत अब पड़ोसी देशों के साथ रिश्तों को संभालने के लिए सिर्फ करियर डिप्लोमेट ही नहीं, बल्कि राजनीतिक अनुभव रखने वाले नेताओं को भी अहम जिम्मेदारी देने की रणनीति अपना रहा है।

 

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