Dowry Free Marriage: उज्जैन जिला की बड़नगर तहसील के बंगरेड गांव में आयोजित सगाई समारोह में दहेज प्रथा के खिलाफ एक अहम उदाहरण देखने को मिला। लोटस रिसॉर्ट में आयोजित तिलक समारोह में दूल्हे पक्ष ने दहेज लेने से साफ इनकार कर दिया, जिससे पूरे इलाके में चर्चा शुरू हो गई।
2: 50 लाख की पेशकश लौटाई
दूल्हे आदर्श दीप राजावत, पिता जितेंद्र सिंह राजावत (लोटस ग्रुप) के बेटे हैं, जिनका विवाह इंदौर के देपालपुर क्षेत्र की बिंदिया कुमारी से तय हुआ है। समारोह में वधु पक्ष ने 25 लाख रुपए नकद और करीब 15 तोला सोना देने की पेशकश की, लेकिन दूल्हे और उनके पिता ने इसे ठुकरा दिया।
Dowry Free Marriage: ‘दहेज नहीं, बेटी चाहिए’
दूल्हे के पिता जितेंद्र सिंह राजावत ने कहा कि उन्हें दहेज नहीं, बल्कि बहू के रूप में बेटी चाहिए। उन्होंने साफ कहा कि विवाह कोई सौदा नहीं है और समाज को इस कुरीति से बाहर निकलना चाहिए।
Dowry Free Marriage: प्रतीकात्मक रूप से सिर्फ अंगूठी स्वीकार
राजावत परिवार ने नकद राशि और सोने के आभूषण लेने से इनकार कर दिया। प्रतीकात्मक रूप से केवल एक सोने की अंगूठी स्वीकार की गई, जबकि बाकी सब कुछ लौटा दिया गया।
समाज में सराहना, मजबूत संदेश
इस फैसले की समारोह में मौजूद लोगों और ग्रामीणों ने सराहना की। लोगों का कहना है कि दहेज प्रथा गरीब परिवारों के लिए बोझ है और इस तरह के कदम समाज के लिए प्रेरणा बन सकते हैं।
नवंबर 2026 में सादगी से होगा विवाह
दोनों परिवारों ने तय किया है कि आदर्श दीप राजावत और बिंदिया कुमारी का विवाह नवंबर 2026 में सादगी से किया जाएगा। इसमें किसी तरह का दहेज नहीं लिया जाएगा, जिससे समाज में सकारात्मक संदेश जाए।
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