Bangladeshi: पश्चिम बंगाल में अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए सवाल उठाया है कि यदि बांग्लादेशी घुसपैठियों का मुद्दा इतना गंभीर है, तो केंद्र में लगातार तीन कार्यकाल से सत्ता में रहने के बावजूद उन्हें अब तक देश से बाहर क्यों नहीं किया गया। उन्होंने सरकार से इस मुद्दे पर स्पष्ट आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग की है।
घुसपैठियों की संख्या और कार्रवाई का मांगा ब्यौरा
मुर्शिदाबाद में मीडिया से बातचीत के दौरान अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि देश में दशकों से अवैध घुसपैठ की समस्या मौजूद है। उन्होंने कहा कि सरकार को यह बताना चाहिए कि अब तक कितने घुसपैठियों की पहचान की गई, कितनों को पकड़ा गया और कितनों को वापस बांग्लादेश भेजा गया। उनके अनुसार केवल राजनीतिक बयान देने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि जनता के सामने वास्तविक आंकड़े रखे जाने चाहिए।
Bangladeshi: केंद्र सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता ने कहा कि राष्ट्रीय नागरिक पंजी और अन्य कानूनी व्यवस्थाओं का हवाला देकर लगातार घुसपैठ का मुद्दा उठाया गया, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में कितना सुधार हुआ, यह स्पष्ट नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि जब केंद्र और देश का नेतृत्व भाजपा के हाथों में है, तब इतने वर्षों तक घुसपैठियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हो सकी। चौधरी ने कहा कि सरकार को अपनी उपलब्धियों और कार्रवाई का पूरा विवरण सार्वजनिक करना चाहिए।
श्वेत पत्र जारी करने की मांग
अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि अवैध घुसपैठियों की पहचान और निर्वासन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार इस विषय पर एक श्वेत पत्र जारी करे, जिसमें देश में मौजूद अवैध घुसपैठियों की संख्या, उनके खिलाफ की गई कार्रवाई और पड़ोसी देश द्वारा स्वीकार किए गए लोगों का पूरा विवरण हो। उन्होंने कहा कि भारत में किसी भी अवैध घुसपैठिए को रहने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए, लेकिन इसके लिए पारदर्शी और तथ्य आधारित नीति आवश्यक है।








