Bargi Dam: मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में गुरुवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया, जब पर्यटन विभाग का एक क्रूज तेज आंधी के कारण डूब गया। इस हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। अब तक नौ लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि कई लोग अब भी लापता हैं। प्रशासन और राहत दल लगातार बचाव कार्य में जुटे हुए हैं, हालांकि खराब मौसम के कारण अभियान में बाधाएं भी आ रही हैं।
तेज आंधी बनी हादसे की वजह
प्रशासन के अनुसार यह हादसा शाम करीब पांच बजे हुआ, जब अचानक मौसम बिगड़ गया और तेज आंधी चलने लगी। बताया जा रहा है कि उस समय हवा की रफ्तार लगभग चौहत्तर किलोमीटर प्रति घंटे थी। क्रूज किनारे से करीब तीन सौ मीटर दूर था, तभी तेज हवाओं के कारण वह अनियंत्रित होकर डूब गया। हादसे के समय क्रूज में लगभग तैंतालीस से सैंतालीस पर्यटक सवार थे, जबकि टिकट केवल उनतीस लोगों के ही कटे थे, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।
Bargi Dam: राहत और बचाव कार्य जारी
लापरवाही पर कार्रवाई और जांच
हादसे के बाद प्रशासन ने लापरवाही के आरोप में सख्त कार्रवाई की है। क्रूज पायलट, हेल्पर और टिकट प्रभारी की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं। वहीं, संबंधित प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों पर भी कार्रवाई करते हुए एक मैनेजर को निलंबित और एक अन्य अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मामले की जांच के आदेश देते हुए कहा है कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
Bargi Dam: सहायता और शोक संदेश
हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया है और मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये तथा घायलों को पचास हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। राज्य सरकार की ओर से भी पीड़ित परिवारों को मदद दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने मौके का दौरा कर पीड़ितों से मुलाकात की और हर संभव सहायता का भरोसा दिया।








