Bengal Politics: पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों बड़ा उथल-पुथल देखने को मिल रहा है। तृणमूल कांग्रेस के भीतर बढ़ते असंतोष के बीच पार्टी की वरिष्ठ सांसद डॉ. काकोली घोष दस्तिदार के कथित विद्रोह ने सियासी माहौल को और गर्म कर दिया है। इस घटनाक्रम के बाद ममता बनर्जी की नेतृत्व क्षमता और पार्टी की एकजुटता पर सवाल उठने लगे हैं।
पार्टी के भीतर बढ़ा असंतोष
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि डॉ. काकोली घोष दस्तिदार ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए खुला विरोध जताया है। उनके इस रुख ने तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रही नाराजगी को उजागर कर दिया है। पार्टी में अंदरूनी खींचतान और असंतोष की खबरों के बीच विपक्ष लगातार सरकार और नेतृत्व पर निशाना साध रहा है। इस घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।
Bengal Politics: पुराना वीडियो फिर चर्चा में
विवाद के बीच डॉ. काकोली घोष दस्तिदार का एक पुराना वीडियो सामाजिक माध्यमों पर तेजी से साझा किया जा रहा है। यह वीडियो कथित तौर पर वर्ष 2016 के चर्चित नारदा प्रकरण से जुड़ा बताया जा रहा है। वीडियो के सामने आने के बाद विपक्षी दल और कई सामाजिक माध्यम उपयोगकर्ता उनकी नैतिकता पर सवाल उठा रहे हैं। कई लोग यह भी कह रहे हैं कि जिन नेताओं ने वर्षों तक एक ही राजनीतिक व्यवस्था का हिस्सा रहकर काम किया, वे अब बदलते राजनीतिक हालात में अलग रुख अपना रहे हैं।
क्षति नियंत्रण में जुटी तृणमूल कांग्रेस
बढ़ते राजनीतिक विवाद के बीच तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व सक्रिय हो गया है। पार्टी स्तर पर स्थिति को संभालने के लिए वरिष्ठ नेताओं की बैठकें की जा रही हैं। सूत्रों के अनुसार, संगठन विरोधी गतिविधियों में शामिल नेताओं के खिलाफ कार्रवाई पर भी विचार किया जा रहा है। दूसरी ओर विपक्ष इस घटनाक्रम को राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव बताकर अपने पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है। आने वाले दिनों में यह विवाद पश्चिम बंगाल की राजनीति को और अधिक प्रभावित कर सकता है।
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