Bhopal Cabinet: पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और बढ़ते वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi की ऊर्जा बचत अपील का असर अब राज्यों में भी दिखाई देने लगा है। मध्य प्रदेश में बुधवार को राज्य सरकार के दो मंत्री ई-रिक्शा से मंत्रालय पहुंचे और ऊर्जा संरक्षण का संदेश दिया। कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री Gautam Tetwal तथा मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास राज्यमंत्री Narayan Singh Panwar कैबिनेट बैठक में हिस्सा लेने के लिए ई-रिक्शा से मंत्रालय पहुंचे। दोनों मंत्रियों के इस कदम को ऊर्जा बचत और पर्यावरण संरक्षण से जोड़कर देखा जा रहा है।
प्रधानमंत्री की अपील का असर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में पेट्रोल और डीजल के सीमित उपयोग तथा ऊर्जा संसाधनों के संयमित इस्तेमाल की अपील की थी। इसी क्रम में मध्य प्रदेश के कई मंत्री अब अपने स्तर पर ईंधन की खपत कम करने के प्रयास कर रहे हैं। मंत्री गौतम टेटवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए संदेश को केवल सुनना ही नहीं, बल्कि उसे अपने व्यवहार में उतारना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को अपने आचरण से समाज को प्रेरित करना चाहिए।
Bhopal Cabinet: ऊर्जा बचत को जनआंदोलन बनाने की अपील
दोनों मंत्रियों ने प्रदेशवासियों से भी अपील की कि वे पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने की दिशा में छोटे-छोटे प्रयास करें। उन्होंने कहा कि ऊर्जा संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का दायित्व है। मंत्रियों ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग और ईंधन बचत को जनआंदोलन बनाया जाना चाहिए। उनका मानना है कि सामूहिक प्रयासों से ही आत्मनिर्भर और स्वच्छ भारत का निर्माण संभव होगा।
पहले भी दिख चुका है बदलाव का संदेश
मध्य प्रदेश सरकार में ऊर्जा बचत को लेकर पहले भी कई कदम उठाए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने अपने काफिले में चलने वाले वाहनों की संख्या कम कर दी है।इसी तरह उपमुख्यमंत्री Jagdish Devda और Rajendra Shukla ने भी अपने साथ चलने वाले वाहनों में कटौती की है। वहीं ऊर्जा मंत्री Pradyuman Singh Tomar पहले ई-स्कूटी से यात्रा करते नजर आ चुके हैं।
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