
सोना-चांदी में जबरदस्त तेजी: 1.62 लाख पर सोना, 2.76 लाख पर चांदी, निवेशकों के लिए 4 बड़े संकेत
सोना 1.62 लाख और चांदी 2.76 लाख पार, डॉलर कमजोर और वैश्विक तनाव के कारण तेजी, निवेशकों के लिए संकेत, MCX और COMEX पर कीमतों में रिकॉर्ड उछाल दर्ज।

सोना 1.62 लाख और चांदी 2.76 लाख पार, डॉलर कमजोर और वैश्विक तनाव के कारण तेजी, निवेशकों के लिए संकेत, MCX और COMEX पर कीमतों में रिकॉर्ड उछाल दर्ज।

मंगलवार को वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों के चलते भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ खुला। सेंसेक्स 809 अंक चढ़कर 78,375 पर पहुंचा, जबकि निफ्टी 24,280 के ऊपर खुला। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स समेत कई सेक्टरों में तेजी देखने को मिली, हालांकि सूचना प्रौद्योगिकी और तेल-गैस क्षेत्र में गिरावट रही। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी मजबूती दर्ज की गई।

मध्य पूर्व में ईरान से जुड़ा तनाव कम होने की संभावना के बाद वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट आई। ब्रेंट और अमेरिकी तेल दोनों 6 प्रतिशत से ज्यादा गिरे और कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई।

केंद्र सरकार ने एलपीजी सिलेंडर की जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग पर लगाम लगाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कंपनियों से कहा गया है कि कमर्शियल कनेक्शन के बजाय घरेलू ग्राहकों को प्राथमिकता दी जाए।

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरू में कमर्शियल एलपीजी गैस की कमी के चलते मंगलवार से शहर के कई होटल बंद रहने वाले हैं। सरकार ने स्थिति को देखते हुए रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

Kisan News : देश की अर्थव्यवस्था तेज रफ्तार से आगे बढ़ रही है, लेकिन खेतों में काम करने वाले करोड़ों किसानों के सामने आर्थिक दबाव

सोने-चांदी की कीमतें सोमवार को गिर गईं, डॉलर मजबूत और तेल महंगा होने की वजह से। फेड की नीति बैठक में ब्याज दर स्थिर रहने की संभावना, निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण संकेत।

मध्य पूर्व संघर्ष के कारण वैश्विक तेल की कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुँच गई हैं। फिर भी भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें फिलहाल स्थिर हैं। ऊर्जा भंडार में सुधार और कच्चे तेल आयात में विविधता से सरकार को भरोसा मिला है।

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी का असर भारतीय शेयर बाजार पर पड़ा। सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट दर्ज की गई, जबकि कई सेक्टर दबाव में नजर आए। विशेषज्ञों ने निवेशकों को फिलहाल सावधानी बरतने की सलाह दी है।

महिलाओं और बेटियों के आर्थिक, शैक्षिक और सामाजिक विकास के लिए सरकार द्वारा कई महत्वपूर्ण योजनाएं चलाई जा रही हैं। इनका उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर और सुरक्षित बनाना है।

सोना 1.62 लाख और चांदी 2.76 लाख पार, डॉलर कमजोर और वैश्विक तनाव के कारण तेजी, निवेशकों के लिए संकेत, MCX और COMEX पर कीमतों में रिकॉर्ड उछाल दर्ज।

मंगलवार को वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों के चलते भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ खुला। सेंसेक्स 809 अंक चढ़कर 78,375 पर पहुंचा, जबकि निफ्टी 24,280 के ऊपर खुला। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स समेत कई सेक्टरों में तेजी देखने को मिली, हालांकि सूचना प्रौद्योगिकी और तेल-गैस क्षेत्र में गिरावट रही। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी मजबूती दर्ज की गई।

मध्य पूर्व में ईरान से जुड़ा तनाव कम होने की संभावना के बाद वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट आई। ब्रेंट और अमेरिकी तेल दोनों 6 प्रतिशत से ज्यादा गिरे और कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई।

केंद्र सरकार ने एलपीजी सिलेंडर की जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग पर लगाम लगाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कंपनियों से कहा गया है कि कमर्शियल कनेक्शन के बजाय घरेलू ग्राहकों को प्राथमिकता दी जाए।

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरू में कमर्शियल एलपीजी गैस की कमी के चलते मंगलवार से शहर के कई होटल बंद रहने वाले हैं। सरकार ने स्थिति को देखते हुए रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

Kisan News : देश की अर्थव्यवस्था तेज रफ्तार से आगे बढ़ रही है, लेकिन खेतों में काम करने वाले करोड़ों किसानों के सामने आर्थिक दबाव

सोने-चांदी की कीमतें सोमवार को गिर गईं, डॉलर मजबूत और तेल महंगा होने की वजह से। फेड की नीति बैठक में ब्याज दर स्थिर रहने की संभावना, निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण संकेत।

मध्य पूर्व संघर्ष के कारण वैश्विक तेल की कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुँच गई हैं। फिर भी भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें फिलहाल स्थिर हैं। ऊर्जा भंडार में सुधार और कच्चे तेल आयात में विविधता से सरकार को भरोसा मिला है।

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी का असर भारतीय शेयर बाजार पर पड़ा। सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट दर्ज की गई, जबकि कई सेक्टर दबाव में नजर आए। विशेषज्ञों ने निवेशकों को फिलहाल सावधानी बरतने की सलाह दी है।

महिलाओं और बेटियों के आर्थिक, शैक्षिक और सामाजिक विकास के लिए सरकार द्वारा कई महत्वपूर्ण योजनाएं चलाई जा रही हैं। इनका उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर और सुरक्षित बनाना है।