International Women’s Day: केंद्र सरकार महिलाओं और बालिकाओं के विकास और सशक्तिकरण के लिए कई खास योजनाएं चलाती है, जिनका मुख्य उद्देश्य महिलाओं की समाज और आर्थिक क्षेत्र में भागीदारी बढ़ाना है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर हम उन सरकारी योजनाओं के बारे में जानेंगे, जो खास तौर पर महिलाओं और बेटियों के लिए बनाई गई हैं और जिनका लाभ सीधे उन्हें मिलता है।

बेटियों के भविष्य की मजबूत बचत योजना
सबसे पहले बात करें तो सुकन्या समृद्धि योजना के बारे में, जिसे 2015 में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत शुरू किया गया था। इस योजना का मकसद सिर्फ पैसा जमा करना नहीं है, बल्कि परिवारों को अपनी बेटी की शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य की आर्थिक जरूरतों के लिए पहले से योजना बनाने के लिए प्रेरित करना भी है। इस योजना पर सरकार करीब 8.2 प्रतिशत की ब्याज दर देती है, जो सरकारी बचत योजनाओं में सबसे ज्यादा मानी जाती है।
यह योजना बेटियों की पढ़ाई और शादी जैसे बड़े खर्चों में परिवार की मदद करने के लिए बनाई गई है। इसका मुख्य उद्देश्य लड़कियों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर देना है, जिससे महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिले।

International Women’s Day: सुरक्षित निवेश, बेटी का उज्ज्वल कल
इस योजना के तहत बेटी के माता-पिता या कानूनी अभिभावक किसी भी डाकघर या अधिकृत बैंक में खाता खोल सकते हैं। यह खाता बेटी के जन्म से लेकर 10 साल की उम्र तक कभी भी खोला जा सकता है।
हर लड़की के नाम पर केवल एक ही खाता खोला जा सकता है। एक परिवार में अधिकतम दो बेटियों के लिए खाते खोले जा सकते हैं। हालांकि अगर जुड़वां या तीन बच्चों का मामला हो तो नियमों में कुछ छूट दी जाती है। यह खाता पूरे देश में एक स्थान से दूसरे स्थान पर भी ट्रांसफर किया जा सकता है। जब बेटी 18 साल की हो जाती है, तब वह खुद इस खाते को संभाल सकती है, लेकिन इससे पहले खाते का संचालन अभिभावकों के हाथ में रहता है।
इस खाता खोलने के लिए आवेदन फॉर्म के साथ बेटी का जन्म प्रमाण पत्र, आधार नंबर और पैन कार्ड या फॉर्म 60 जमा करना जरूरी होता है।

महिला सम्मान बचत पत्र में 2 लाख निवेश सुविधा
इसके अलावा, महिला सम्मान बचत पत्र योजना महिलाओं के लिए शुरू की गई एक विशेष बचत योजना है। इसमें महिलाएं अधिकतम 2 लाख रुपये तक निवेश कर सकती हैं और इस पर लगभग 7.5 प्रतिशत की ब्याज दर मिलती है। यह एक सुरक्षित निवेश विकल्प माना जाता है क्योंकि दो साल की अवधि पूरी होने के बाद निवेश की गई राशि और ब्याज दोनों वापस मिल जाते हैं। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को बचत करने की आदत डालना और उन्हें आर्थिक रूप से सुरक्षित बनाना है।
ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने का मिशन
ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लखपति दीदी योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जाते हैं। इसका लक्ष्य महिलाओं को ऐसा सक्षम बनाना है कि वे सालाना कम से कम एक लाख रुपये या उससे अधिक की आय अर्जित कर सकें। इससे ग्रामीण इलाकों की महिलाओं को रोजगार के नए अवसर मिलते हैं और वे आर्थिक रूप से मजबूत बनती हैं।

स्वच्छ ईंधन से महिलाओं का स्वस्थ जीवन
गरीब परिवारों की महिलाओं को स्वच्छ और सुरक्षित ईंधन उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को मुफ्त एलपीजी गैस कनेक्शन दिया जाता है, जिससे उन्हें लकड़ी या कोयले के चूल्हे के धुएं से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं से बचाया जा सके। यह योजना महिलाओं का समय और मेहनत भी बचाती है। अभी तक इस योजना के अंतर्गत 10 करोड़ से ज्यादा एलपीजी सिलेंडर वितरित किए जा चुके हैं।
ये भी पढ़ें…विमेंस डे स्पेशल: क्यों महिलाएं पुरुषों से औसतन 5 साल ज्यादा जीती हैं? जानिए उनकी 5 असली सुपरपावर्स








