Chambal sand mafia: राजस्थान पुलिस ने राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल अभयारण्य क्षेत्र में अवैध रेत और बजरी खनन के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा (Rajeev Kumar Sharma) के निर्देश पर चलाए जा रहे ‘जीरो टोलरेंस’ अभियान के तहत पुलिस अवैध खनन, भंडारण और परिवहन में शामिल लोगों पर लगातार शिकंजा कस रही है। अधिकारियों के अनुसार, यह राज्यव्यापी अभियान वर्ष 2025 की शुरुआत से जारी है, जिसे सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद और तेज कर दिया गया है। धौलपुर और करौली जिलों में पुलिस की विशेष टीमें चंबल नदी के किनारे सक्रिय अवैध खनन नेटवर्क के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही हैं।
सैकड़ों मामले दर्ज, कई आरोपपत्र दाखिल
राजस्थान पुलिस के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक वी के सिंह ने बताया कि जनवरी 2025 से अप्रैल 2026 के बीच धौलपुर और करौली जिलों में अवैध बजरी खनन और परिवहन से जुड़े 392 मामले दर्ज किए गए। इनमें से 342 मामलों में जांच पूरी कर आरोपपत्र दाखिल किए जा चुके हैं, जबकि बाकी मामलों में जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि कार्रवाई केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे संगठित नेटवर्क को खत्म करने पर ध्यान दिया जा रहा है।
Chambal sand mafia: वाहन मालिकों पर भी कार्रवाई
पुलिस ने बताया कि अवैध खनन में इस्तेमाल होने वाले वाहनों के मालिकों को भी सह-आरोपी बनाया जा रहा है। अब तक 195 मामलों में वाहन चालकों और मालिकों दोनों को गिरफ्तार किया गया है। धौलपुर पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान ने बताया कि जिले में जनवरी 2025 से अप्रैल 2026 तक कुल 353 मामले दर्ज हुए। इनमें 306 मामलों में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने 187 मामलों में वाहन चालकों और मालिकों दोनों के खिलाफ कार्रवाई की है।
आदतन अपराधियों की पहचान
अधिकारियों के मुताबिक, पिछले तीन वर्षों से लगातार अवैध खनन गतिविधियों में शामिल अपराधियों की पहचान भी की गई है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, 70 ऐसे लोगों को चिन्हित किया गया है जो बार-बार अवैध खनन गतिविधियों में शामिल पाए गए। धौलपुर पुलिस ने अकेले 68 आदतन अपराधियों की सूची तैयार की है। पुलिस का कहना है कि इन लोगों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और भविष्य में भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।








