Twisha Sharma Case: Jabalpur में शुक्रवार को एक्ट्रेस-मॉडल ट्विशा शर्मा केस में बड़ा घटनाक्रम सामने आया। आरोपी पति समर्थ सिंह को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। वह जिला कोर्ट में सरेंडर करने पहुंचा था। इससे पहले उसने Madhya Pradesh High Court में दायर अपनी अग्रिम जमानत याचिका वापस ले ली थी।
कोर्ट रूम में मास्क लगाकर बैठा था समर्थ
ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा के वकील अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि समर्थ सिंह कोर्ट नंबर-32 में मास्क लगाकर बैठा था, जो जिला एवं सत्र न्यायाधीश का कोर्ट रूम है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर उसे वहां बैठने की अनुमति किस आधार पर दी गई।
Twisha Sharma Case: हाईकोर्ट ने दोबारा पोस्टमॉर्टम के दिए आदेश
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ट्विशा शर्मा की डेडबॉडी का दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि All India Institute of Medical Sciences के डायरेक्टर के नेतृत्व में मेडिकल टीम भोपाल AIIMS में पोस्टमॉर्टम करेगी। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी। कोर्ट ने तब तक शव को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं। वहीं मध्य प्रदेश सरकार ने मामले की CBI जांच के लिए केंद्र सरकार को पत्र भेज दिया है।
Twisha Sharma Case: रिटायर्ड जज की जमानत रद्द करने की मांग
राज्य सरकार ने ट्विशा की सास और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को मिली अग्रिम जमानत रद्द करने के लिए हाईकोर्ट में अपील दायर की है। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने केस को डिवीजन बेंच को रेफर कर दिया।एडवोकेट जनरल प्रशांत सिंह ने कहा कि अग्रिम जमानत के चलते जांच एजेंसियों को अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा और इससे साक्ष्यों पर असर पड़ सकता है।
समर्थ के वकील बोले- सरेंडर की जानकारी नहीं थी
समर्थ सिंह के वकील जयदीप कौरव ने कहा कि कोर्ट में चार अलग-अलग मामले सूचीबद्ध थे। उन्होंने बताया कि समर्थ ने खुद सरेंडर करने की इच्छा जताई थी, लेकिन वह कब और कहां सरेंडर करेगा, इसकी जानकारी उन्हें भी नहीं थी।
पिता बोले- केस प्रभावित करने की कोशिश
ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा ने आरोप लगाया कि समर्थ सिंह फरारी के दौरान भी केस को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा था। उन्होंने कहा कि समर्थ पहले मध्य प्रदेश सरकार में लीगल एडवाइजर के तौर पर काम कर चुका है। उन्होंने कटारा हिल्स थाना प्रभारी सुनील दुबे को हटाने की मांग करते हुए पुलिस कमिश्नर को पत्र भी लिखा है।
शव संरक्षण को लेकर भी उठाए सवाल
नवनिधि शर्मा ने कहा कि डेडबॉडी को सुरक्षित रखने के लिए माइनस 4 डिग्री तापमान पर्याप्त होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस परिवार पर जल्द शव ले जाने का दबाव बनाने के लिए भ्रम फैला रही है। उन्होंने कहा कि परिवार अंतिम सांस तक दूसरे पोस्टमॉर्टम की मांग को लेकर लड़ाई जारी रखेगा।
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