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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ा CJP, बोला- मांग नहीं मानी तो होगा बड़ा राष्ट्रीय प्रदर्शन

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CJP: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर CJP ने केंद्र सरकार के सामने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। संगठन ने कहा है कि इस मुद्दे पर किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। CJP के प्रवक्ताओं के मुताबिक, धर्मेंद्र प्रधान को या तो स्वयं अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए या फिर केंद्र सरकार उन्हें मंत्रिमंडल से बाहर करे। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि अगले एक-दो दिनों में इस मामले का कोई समाधान नहीं निकलता है तो देशव्यापी स्तर पर बड़े आंदोलन की घोषणा की जाएगी। CJP का दावा है कि प्रस्तावित प्रदर्शन 20 जुलाई को हुए संसद मार्च से भी बड़ा और व्यापक होगा।

तीसरे दौर की वार्ता शनिवार को

CJP के प्रवक्ताओं ने केंद्र सरकार के साथ हुई बातचीत को सकारात्मक बताया है। संगठन के अनुसार, उसकी तीन प्रमुख मांगों में से दो पर केंद्र के वार्ताकारों ने मौखिक सहमति जताई है। हालांकि, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अभी तक कोई स्पष्ट सहमति नहीं बन सकी है। शनिवार को केंद्र सरकार और CJP प्रतिनिधियों के बीच तीसरे दौर की बातचीत प्रस्तावित है। संगठन को उम्मीद है कि अगले एक-दो दिनों में बातचीत के जरिए विवाद का समाधान निकल सकता है। CJP ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को केंद्र सरकार के सामने लिखित और मौखिक, दोनों माध्यमों से स्पष्ट रूप से रखा गया है।

CJP: जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह से हुई मुलाकात

कांस्टीट्यूशन क्लब में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह से CJP के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका ने मुलाकात की। बैठक के बाद दोनों प्रवक्ता जंतर-मंतर स्थित CJP के प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। वहां संगठन के अध्यक्ष अभिजीत दीपके की मौजूदगी में उन्होंने प्रदर्शनकारियों को केंद्र के साथ हुई बातचीत की जानकारी दी। प्रवक्ताओं ने कहा कि बातचीत के दौरान संगठन की मांगों और प्रदर्शनकारियों की चिंताओं को सरकार के प्रतिनिधियों के सामने विस्तार से रखा गया है।

दो मांगों पर सहमति का दावा

CJP ने तीन मई को NEET परीक्षा रद्द होने के बाद आत्महत्या करने वाले 21 छात्रों के परिवारों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग की है। इसके अलावा संगठन ने प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लेने और भविष्य में उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं किए जाने की गारंटी की भी मांग रखी है। संगठन का दावा है कि इन दोनों मांगों पर केंद्र सरकार के वार्ताकारों ने मौखिक रूप से सहमति जताई है। हालांकि, अंतिम निर्णय और आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है।

CJP: प्रधान के इस्तीफे पर समझौता नहीं

CJP अध्यक्ष अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा संगठन की मुख्य मांग है और इस मुद्दे पर किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि प्रधानमंत्री की ओर से जल्द कोई फैसला नहीं लिया गया तो आंदोलन को और अधिक व्यापक बनाया जाएगा। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि अगले एक-दो दिनों में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर कोई समाधान नहीं निकलता है तो बड़े राष्ट्रीय प्रदर्शन की घोषणा की जाएगी। CJP का कहना है कि आगामी आंदोलन में देशभर से बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है।

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