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जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने पहुंचे CJP नेता रांका-दास हिरासत में, बोले- ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक नहीं रुकेंगे

CJP Protest at Jantar Mantar
CJP का प्रदर्शन, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग

CJP Protest Delhi: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका को मंगलवार को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। दोनों नेता पार्टी समर्थकों के साथ जंतर-मंतर पहुंचे थे और वहां नारेबाजी कर रहे थे। इसके बाद पुलिस ने दोनों नेताओं समेत प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। CJP ने बाद में अपने नेताओं का एक वीडियो जारी किया। इसमें आशुतोष रांका ने कहा कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, तब तक जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने कहा, “आज 10 लोग आए हैं, कल 1000 आएंगे और परसों 10,000 लोग आएंगे।”

जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाया गया

केंद्र सरकार ने सोमवार को जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया था। गृह मंत्रालय की ओर से गठित कमेटी की सिफारिश पर दिल्ली में रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और पूर्वी दिल्ली के सीबीडी ग्राउंड को प्रदर्शन के लिए निर्धारित किया गया है। CJP मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के विरोध में आंदोलन कर रही है। पार्टी ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने का ऐलान किया था।

CJP Protest Delhi
CJP का प्रदर्शन, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
CJP Protest Delhi: प्रदर्शन की अनुमति के लिए पुलिस से मांगा था जवाब

CJP नेताओं ने रविवार को प्रदर्शन की अनुमति के लिए पुलिस से संपर्क किया था। सोमवार को पार्टी के नेता दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए तारीख और समय तय करने की मांग की। उन्होंने पुलिस से 24 घंटे के भीतर जवाब देने को कहा था। सौरव दास ने कहा था कि शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करना हर नागरिक का अधिकार है और पुलिस को इसमें बाधा नहीं डालनी चाहिए। वहीं, आशुतोष रांका ने कहा था कि अगर 24 घंटे में जवाब नहीं मिला, तो पार्टी अपने अगले आंदोलन की तारीख घोषित करेगी। इसके कुछ समय बाद जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया गया।

दो दिन पहले ही 50-50 हजार रुपये के मुचलके पर हुए थे रिहा

सौरव दास और आशुतोष रांका को CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके के साथ 10 अक्टूबर को दिल्ली एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया था। उस समय तीनों फ्लाइट में थे। 11 अक्टूबर को उन्हें दिल्ली कैंट स्थित विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया। इसके बाद तीनों को 50-50 हजार रुपये के जमानती मुचलके पर रिहा कर दिया गया। रिहाई की शर्तों के मुताबिक, तीनों को एक साल तक शांति बनाए रखनी होगी और ऐसा कोई काम नहीं करना होगा, जिससे शांति भंग हो।

CJP Protest Delhi: मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग क्यों कर रही है CJP?

CJP विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR प्रक्रिया को लेकर लगातार सवाल उठा रही है। इसी बीच द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में चुनाव आयोग के भीतर इस प्रक्रिया से जुड़े फैसलों पर असहमति की जानकारी सामने आई। रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में आयोग के फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार लिखित आपत्ति दर्ज की। इनमें से चार आपत्तियां एक ही दिन दर्ज की गई थीं।

वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने और हटाने पर सवाल

रिपोर्ट के अनुसार, दोनों चुनाव आयुक्तों ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और पहले हटाए गए नामों को दोबारा शामिल करने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के खिलाफ दायर अपीलों पर भी आपत्ति जताई गई थी। इसके अलावा, दोनों ने मतदाता डेटाबेस तक पहुंच को धीरे-धीरे दिल्ली में केंद्रीकृत किए जाने पर चिंता जताई और इस मुद्दे पर कैबिनेट सचिव को पत्र लिखा।

CJP Protest at Jantar Mantar
CJP का प्रदर्शन, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग

विवेक जोशी ने मतदाता रिकॉर्ड में बदलावों का ऑडिट कराने का सुझाव दिया था, ताकि रिकॉर्ड में संशोधन केवल अधिकृत अधिकारी ही कर सकें। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों आयुक्तों ने नए मतदाताओं से जुड़े कुछ कदमों को अनधिकृत और गैरकानूनी बताया था। काम के बंटवारे से संबंधित एक आदेश को भी उन्होंने नियमों का उल्लंघन माना था।

CJP Protest Delhi: फॉर्म-6 में बदलाव पर दोनों चुनाव आयुक्तों ने जताई आपत्ति

नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-6 में SIR से जुड़ा सवाल जोड़ने पर भी दोनों चुनाव आयुक्तों ने आपत्ति जताई थी। रिपोर्ट के अनुसार, विवेक जोशी ने कहा था कि चुनाव नियमों में बदलाव किए बिना फॉर्म-6 में इस तरह का संशोधन नहीं किया जा सकता। बाद में सुखबीर सिंह संधू ने भी इस बदलाव पर आपत्ति दर्ज की।

गोवा में 97 पात्र मतदाताओं के नाम अंतिम सूची में नहीं जुड़े

द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में गोवा का एक मामला भी सामने आया। यहां 97 ऐसे मतदाताओं को चुनावी पंजीकरण अधिकारियों ने पात्र माना था, लेकिन सॉफ्टवेयर में समस्या आने के कारण उनके नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके। रिपोर्ट में इस घटना को चुनावी डेटा सिस्टम के केंद्रीकरण से जुड़ी चिंताओं के उदाहरण के रूप में बताया गया।

CJP Protest Delhi: CJP ने पहले भी 36 दिनों तक किया था प्रदर्शन

कॉकरोच जनता पार्टी इससे पहले नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर भी आंदोलन कर चुकी है। पार्टी ने 20 जून से 25 जुलाई तक 36 दिनों तक प्रदर्शन किया था। इस दौरान एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक भी भूख हड़ताल पर बैठे थे। 20 जुलाई को CJP ने संसद तक मार्च भी निकाला था। 25 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद पार्टी ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया था।

कॉकरोच जनता पार्टी की चार प्रमुख मांगें

CJP ने अपने आंदोलन के तहत चार प्रमुख मांगें रखी हैं। पार्टी चाहती है कि आने वाले सभी चुनावों को रोका जाए और जनवरी 2025 की मतदाता सूची को दोबारा लागू किया जाए। इसके अलावा, पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है। CJP का कहना है कि मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति से संबंधित 2023 के कानून को हटाकर नया कानून बनाया जाना चाहिए। पार्टी की चौथी मांग है कि SIR प्रक्रिया को बंद करके उसकी जांच के लिए एक कमेटी गठित की जाए।

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