Delhi News: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज शुक्रवार को ‘विद्या वाहिनी’ योजना शुरू की और अलग-अलग सरकारी स्कूलों की 9वीं कक्षा की 3,000 से ज्यादा छात्राओं को साइकिलें बांटीं। पूर्वी विनोद नगर के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘विद्या वाहिनी’ योजना के तहत, दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली लगभग 1.40 लाख छात्राओं को चरणबद्ध तरीके से मुफ्त साइकिलें दी जाएंगी।
कार्यक्रम नारी शक्ति का जश्न
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, उन्होंने छात्राओं से बातचीत भी की और उनकी पढ़ाई, भविष्य की उम्मीदों और सपनों के बारे में पूछा। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम नारी शक्ति का जश्न है और शिक्षा के जरिए हर बेटी को सशक्त बनाने के सामूहिक संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने छात्राओं को आत्मविश्वास और लगन के साथ पढ़ाई करने और जीवन में अपने लक्ष्यों को हासिल करने की कोशिश करने के लिए प्रोत्साहित किया। छात्राओं ने उन्हें अपने हाथों से बनाई पेंटिंग भी भेंट कीं। मुख्यमंत्री ने उनकी रचनात्मकता और प्रतिभा की तारीफ की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस मौके पर केंद्रीय राज्य मंत्री और दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा, दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद, पटपड़गंज के विधायक रविंदर सिंह नेगी, शिक्षा और खेल निदेशक नितिन जिंदल, शिक्षक और अभिभावक मौजूद थे।
आज ‘विद्या वाहिनी योजना’ के तहत 3,000 से अधिक बेटियों को साइकिलें सौंपकर अपार संतोष की अनुभूति हुई। आप सभी खूब मन लगाकर पढ़ें, अपने सपनों को साकार करें, दिल्ली, अपने परिवार और देश का नाम रोशन करें। आप सभी को ढेरों बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएं।
हमारा संकल्प… pic.twitter.com/m3aj6RydTf
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) July 31, 2026
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘विकसित भारत’ के विजन में महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास को केंद्र में रखा है और शिक्षा को महिलाओं के सशक्तिकरण का सबसे असरदार जरिया बताया है। उन्होंने कहा कि विद्या वाहिनी योजना इसी विजन के तहत शुरू की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्या वाहिनी योजना से स्कूल आने-जाने का सफर सुरक्षित और सुविधाजनक होगा, छात्रों का समय बचेगा, नियमित उपस्थिति बेहतर होगी, स्कूल छोड़ने की संभावना कम होगी और अभिभावकों की रोजमर्रा की चिंताएं कम होंगी। मुख्यमंत्री गुप्ता ने कहा कि साइकिल सिर्फ आने-जाने का साधन नहीं है। यह आजादी, आत्मविश्वास, सम्मान, आत्मनिर्भरता और अवसर का प्रतीक है। उन्होंने आगे कहा कि साइकिल सिर्फ एक तोहफा नहीं, बल्कि एक नए सफर की शुरुआत है।
उन्होंने छात्रों से लगन और अनुशासन के साथ पढ़ाई करने, अपनी साइकिल का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने, ट्रैफिक नियमों का पालन करने और सड़क सुरक्षा को हमेशा प्राथमिकता देने का आग्रह किया। शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि विद्या वाहिनी योजना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि दिल्ली की कमान एक महिला मुख्यमंत्री के हाथों में है, जो यह सुनिश्चित कर रही हैं कि लड़कियों की शिक्षा, सुरक्षा और सशक्तिकरण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल रहे।
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