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Delhi Rain: दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश से मिली राहत, लेकिन मॉनसून के लिए करना होगा इंतजार; IMD ने बताया कब होगी एंट्री

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Delhi Weather Update: दिल्ली-एनसीआर में सोमवार को हुई झमाझम बारिश से लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली। हालांकि भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने स्पष्ट किया है कि यह बारिश दक्षिण-पश्चिम मानसून की नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में मानसून पहुंचने में अभी कुछ और दिन लग सकते हैं।

दिल्ली में अभी नहीं पहुंचेगा मानसून

IMD की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, अगले पांच दिनों तक दिल्ली-एनसीआर में दक्षिण-पश्चिम मानसून के पहुंचने की संभावना नहीं है। सामान्य तौर पर दिल्ली में मानसून 27 जून तक पहुंच जाता है, लेकिन इस बार इसकी रफ्तार धीमी रहने के कारण करीब एक सप्ताह की देरी होने की आशंका है।

मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिकों के अनुसार, एक नया मौसमीय सर्कुलेशन विकसित हो रहा है। इसके प्रभाव से 4 जुलाई के बाद मानसून दोबारा गति पकड़ सकता है और इसके बाद दिल्ली समेत उत्तर-पश्चिम भारत में प्रवेश की संभावना बनेगी।

Delhi Weather Update: अगले कुछ दिनों में यहां बढ़ेगा मानसून

मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार तथा उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ सकता है। इसके बाद अगले 2-3 दिनों में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, दक्षिण-पूर्व राजस्थान और गुजरात के शेष क्षेत्रों तक मानसून पहुंचने के अनुकूल परिस्थितियां बनेंगी।

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Delhi Weather Update: इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

IMD ने 29 जून को सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कई स्थानों पर भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई है। वहीं कोंकण-गोवा में 29 जून, 2 और 3 जुलाई तथा मध्य महाराष्ट्र में 2 और 3 जुलाई को भी भारी बारिश हो सकती है।

देशभर में सामान्य से 42% कम बारिश

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 1 जून से 29 जून के बीच देश में औसत से 42 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। इस अवधि में सामान्य रूप से 157.7 मिमी बारिश होती है, जबकि इस वर्ष केवल 92.2 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। सबसे अधिक कमी मध्य भारत में दर्ज की गई है, जहां सामान्य से 54 प्रतिशत कम बारिश हुई है।

कमजोर मानसून से निपटने की तैयारी

कम बारिश की आशंका को देखते हुए केंद्र सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि अल नीनो के प्रभाव को देखते हुए 111 जिलों की पहचान की गई है, जबकि कुल 315 जिलों को संभावित रूप से संवेदनशील माना गया है। उन्होंने राज्यों को जल संरक्षण कार्यों में तेजी लाने, पुराने जलाशयों के पुनर्जीवन और नए जल स्रोत विकसित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही 1 जुलाई से लागू होने वाले “जी राम जी” कानून के तहत जल संरक्षण और प्रभावित क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

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