Dhar Bhojshala News: मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच द्वारा धार स्थित भोजशाला परिसर को मंदिर मानने के फैसले पर शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रियंका चतुर्वेदी की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा कि यह मामला लंबे समय से विवादों में रहा है और अब संभव है कि इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जाए।
प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि भोजशाला 11वीं शताब्दी का मंदिर माना जाता है, जिसकी मुख्य मूर्ति अंग्रेज अपने साथ ले गए थे और वह आज भी ब्रिटिश म्यूजियम में मौजूद बताई जाती है। उन्होंने कहा कि अब तक वहां मंगलवार को पूजा और शुक्रवार को नमाज की व्यवस्था चल रही थी, ऐसे में अदालत के फैसले के बाद स्थिति किस तरह बदलेगी, यह देखने वाली बात होगी।
बीजेपी पर साधा निशाना
शिवसेना (यूबीटी) नेता ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा ने “हिंदू बनाम मुसलमान” की राजनीति का एक मॉडल बना लिया है। उन्होंने आशंका जताई कि कहीं यह फैसला भी उसी तरह के विवाद का कारण न बन जाए। उन्होंने कहा, “अगर ऐसा होता है तो यह मध्य प्रदेश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण होगा। उम्मीद है कि सभी पक्ष संयम बरतेंगे और शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में आगे बढ़ेंगे, न कि धार्मिक और राजनीतिक उन्माद फैलाने का काम करेंगे।”
Dhar Bhojshala News: हाई कोर्ट ने क्या कहा?
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने शुक्रवार को भोजशाला परिसर को मां वाग्देवी (सरस्वती) का प्राचीन मंदिर माना। अदालत ने हिंदू पक्ष को पूजा का अधिकार देते हुए 7 अप्रैल 2003 के उस एएसआई आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें मुस्लिम पक्ष को शुक्रवार को नमाज की अनुमति दी गई थी।
कोर्ट ने कहा कि ऐतिहासिक साहित्य और उपलब्ध साक्ष्य यह दर्शाते हैं कि भोजशाला परमार वंश के राजा भोज से जुड़ा संस्कृत शिक्षण केंद्र और देवी सरस्वती का मंदिर था। अदालत ने मुस्लिम पक्ष को वैकल्पिक भूमि के लिए सरकार के समक्ष आवेदन देने की छूट भी दी है।
फैसले पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज
फैसले के बाद भाजपा नेताओं ने इसे “सत्य और आस्था की जीत” बताया है। वहीं AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी समेत कई विपक्षी नेताओं ने संकेत दिए हैं कि इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है।
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