Azam Khan News: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान को 2019 लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए विवादित बयान के मामले में रामपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने दोषी ठहराते हुए 2 साल की सजा सुनाई है। अदालत ने उन पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
यह मामला चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए उस बयान से जुड़ा है, जिसमें आजम खान ने जिला प्रशासन के अधिकारियों पर टिप्पणी करते हुए कहा था, “कलेक्टर-पलेक्टर से मत डरीयो, ये तनखइया हैं।” उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।
चुनाव प्रचार में दिया था विवादित बयान
वायरल वीडियो में आजम खान अधिकारियों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करते नजर आए थे। उन्होंने तत्कालीन प्रशासनिक अधिकारियों पर निशाना साधते हुए कहा था कि चुनाव के बाद उनसे “जूते साफ करवाए जाएंगे।” इस बयान के बाद उनके खिलाफ चुनाव आचार संहिता उल्लंघन और भड़काऊ भाषण देने का मामला दर्ज किया गया था। मामले में भोट थाने में एफआईआर दर्ज हुई थी और बाद में पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की। लंबे समय तक चली सुनवाई के बाद एमपी-एमएलए कोर्ट ने फैसला सुनाया।
Azam Khan News: कोर्ट में पेश हुए वीडियो और गवाह
सरकारी वकील और एडवोकेट स्वदेश शर्मा के अनुसार, अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 8 गवाह पेश किए गए। सभी सरकारी कर्मचारी थे और उन्होंने प्रत्यक्षदर्शी के तौर पर बयान दिए। उन्होंने बताया कि केस में वीडियो सबूत भी शामिल था, जिसे आरोपी पक्ष की ओर से कभी चुनौती नहीं दी गई। अदालत ने माना कि विवादित भाषण वास्तव में दिया गया था और इसी आधार पर सजा सुनाई गई।
पहले भी कई मामलों में घिरे रहे हैं आजम खान
आजम खान फिलहाल रामपुर जेल में बंद हैं। उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान भी जेल में हैं। पिता-पुत्र पर दो पैन कार्ड रखने समेत कई मामलों में कार्रवाई चल रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह फैसला आजम खान के राजनीतिक भविष्य पर असर डाल सकता है। दो साल की सजा मिलने के बाद उनकी सदस्यता और चुनाव लड़ने की पात्रता को लेकर भी कानूनी स्थिति पर नजर रहेगी।
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