E Auction 2026: विदेश मंत्रालय द्वारा तोशाखाना में विशेष गणमान्य व्यक्तियों द्वारा भारत सरकार के अधिकारियों और प्रतिनिधियों को भेंट किए गए करीब 300 उपहारों की ई-नीलामी जारी है।
E Auction 2026: क्या-क्या उपहार हैं नीलामी में-
उपहारों की बात करें तो विदेश मंत्रालय ने इस नीलामी में लग्जरी घड़ियाँ, आभूषण, स्मृति-चिह्न, सजावटी वस्तुएँ और अन्य दुर्लभ उपहारों को शामिल किया है।
E Auction 2026: कब से शुरू हुई ई-नीलामी-
यह ई-नीलामी 8 जून से शुरू हुई है, जो 30 जून तक चलेगी। इसका आयोजन संशोधित तोशाखाना नियम, 2024 के तहत किया जा रहा है।
E Auction 2026: सिर्फ भारतीय निवासी लगा सकते हैं बोली-
संशोधित तोशाखाना नियम, 2024 के तहत इन उपहारों की सार्वजनिक ई-नीलामी की जा रही है। इसमें केवल भारतीय निवासी पंजीकरण कर बोली लगा सकते हैं।
E Auction 2026: रोलेक्स घड़ी नीलामी का सबसे आकर्षक आकर्षण-
नीलामी की सबसे आकर्षक वस्तुओं में लग्जरी ब्रांड रोलेक्स की GMT-Master II घड़ी शामिल है, जिसकी शुरुआती बोली 16.52 लाख रुपये रखी गई है। इसके अलावा कार्टियर की प्रतिष्ठित श्रृंखला की घड़ी भी नीलामी का हिस्सा है।
तोशाखाना की ई-नीलामी में कैसे लें भाग-
विदेश मंत्रालय (MEA) अपने आधिकारिक पोर्टल toshakhanaauction.mea.gov.in के माध्यम से तोशाखाना में रखे गए कूटनीतिक और औपचारिक उपहारों की ई-नीलामी आयोजित करता है। इच्छुक भारतीय नागरिक ऑनलाइन पंजीकरण कर इन दुर्लभ वस्तुओं पर बोली लगा सकते हैं।
बोली लगाने की पूरी प्रक्रिया-
आधिकारिक पोर्टल पर जाएँ: सबसे पहले विदेश मंत्रालय के Toshakhana Auction Portal पर विजिट करें।
ऑनलाइन पंजीकरण करें: ‘Register’ विकल्प चुनकर मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और आवश्यक KYC दस्तावेज़ (जैसे आधार या अन्य सरकारी पहचान पत्र) के जरिए पंजीकरण पूरा करें।
कैटलॉग देखें: पोर्टल पर उपलब्ध लाइव कैटलॉग में 300 से अधिक उपहारों और स्मृति-चिह्नों की जानकारी देख सकते हैं।
अपनी बोली दर्ज करें: पसंदीदा वस्तु का चयन कर तय न्यूनतम इंक्रीमेंट के अनुसार ऑनलाइन बोली लगाएँ।
भुगतान और नीलामी का परिणाम-
नीलामी समाप्त होने के बाद सफल बोलीदाताओं को विदेश मंत्रालय सीधे सूचना देता है। विजेता को निर्धारित समय में भुगतान करना होता है। नीलामी से प्राप्त पूरी राशि Consolidated Fund of India में जमा की जाती है।
क्या है ई-नीलामी –
ई-नीलामी यानी इलेक्ट्रॉनिक नीलामी एक ऑनलाइन बोली प्रक्रिया है, जिसमें इंटरनेट के माध्यम से किसी संपत्ति, उत्पाद या सेवा की बिक्री की जाती है। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इच्छुक खरीदार बोली लगाते हैं और सबसे अधिक बोली लगाने वाले को संपत्ति आवंटित कर दी जाती है।
किन मामलों में होती है ई-नीलामी-
ई-नीलामी का उपयोग मुख्य रूप से सरकारी संपत्तियों, जब्त किए गए वाहनों, औद्योगिक सामान और बैंकों द्वारा लोन डिफॉल्ट होने पर जब्त की गई संपत्तियों की बिक्री के लिए किया जाता है।
ई-नीलामी की प्रमुख विशेषताएँ-
पारदर्शी प्रक्रिया: सभी बोलियाँ डिजिटल रिकॉर्ड में दर्ज होती हैं, जिससे निष्पक्षता बनी रहती है और भ्रष्टाचार की संभावना कम होती है।
समय और लागत की बचत: पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होने से बार-बार किसी स्थान पर उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं पड़ती और नीलामी कम समय में पूरी हो जाती है।
सुरक्षित बोली प्रणाली: भाग लेने के लिए खरीदार को पहले ऑनलाइन पंजीकरण करना होता है और निर्धारित EMD (Earnest Money Deposit) जमा करनी होती है।
भारत में प्रमुख ई-नीलामी प्लेटफॉर्म-
भारत में सरकारी और बैंकिंग क्षेत्र की ई-नीलामी के लिए MSTC (Metal Scrap Trade Corporation), बैंकों के ई-ऑक्शन पोर्टल (जैसे e-Bkray) और निजी प्लेटफॉर्म (जैसे MagicBricks) का व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है।
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