शोसल मीडिया का किया इस्तेमाल
सेबी के आदेश में कहा गया, “इन व्यक्तियों ने पहली नजर में धोखाधड़ी, बाजार में हेरफेर और अनुचित व्यापारिक गतिविधियों में शामिल होकर काम किया। उन्होंने शेयरों की कीमत कृत्रिम रूप से बढ़ाने के इरादे से सिफारिशें जारी कीं और जांच अवधि के दौरान कुल 82 शेयरों में मुनाफा कमाया।” सेबी को खासतौर पर कम लिक्विडिटी वाले शेयरों में प्रमोशनल पोस्ट से जुड़े संदिग्ध ट्रेडिंग पैटर्न मिले।
Mumbai: तलाशी और जब्ती अभियान
सेबी ने 1 दिसंबर 2023 से 20 जनवरी 2026 तक की अवधि की जांच की। जांच में पाया गया कि सातों लोगों का कुल ग्रॉस ट्रेड वैल्यू पहले 548.62 करोड़ रुपए था, जो जांच अवधि में बढ़कर 1,023.40 करोड़ रुपए हो गया, जो कि करीब 86 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।
नियामक ने यह भी दावा किया कि इन लोगों का कुल स्क्वायर-ऑफ मुनाफा 17.06 करोड़ रुपए से बढ़कर 58.40 करोड़ रुपए हो गया, यानी इसमें 242 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
Mumbai: जांच में मिले सबूत
जांच के दौरान ऐसे सबूत भी मिले हैं, जिनसे पता चलता है कि आरोपियों को इस बात की जानकारी थी कि सेबी छोटे स्तर के ऑपरेटरों पर भी सख्त कार्रवाई कर रहा है और उन्हें इस बात की आशंका थी कि वे भी सेबी की पकड़ में आ सकते हैं।








