Home » लाइफस्टाइल » इन 9 संकेतों से पहचानें, कैसे आपका पार्टनर आपको ‘टेकन फॉर ग्रांटेड’ ले रहा है।

इन 9 संकेतों से पहचानें, कैसे आपका पार्टनर आपको ‘टेकन फॉर ग्रांटेड’ ले रहा है।

For granted signs:

For granted signs: रिलेशनशिप की शुरुआत अक्सर उत्साह, प्यार और जोश से शुरू होती है, लेकिन समय के साथ कई बार यही रिश्ता ठंडा पड़ने लगता है। कुछ मामलों में पार्टनर एक-दूसरे को ‘टेकन फॉर ग्रांटेड’ लेना शुरू कर देते हैं, मतलब हम यह मान लेते है, कि सामने वाला व्यक्ति हमे छोड़कर कहीं नहीं जाएगा और इसलिए कई पार्टनर रिश्ते में मेहनत करना बंद कर देते है । सीनियर साइकोलॉजिस्ट डॉ. मोनिका शर्मा के अनुसार, ऐसे कई संकेत हैं जिनसे आप समझ सकते हैं कि आपका पार्टनर आपको हल्के में लेने लगा है।

For granted signs: टेकन फॉर ग्रांटेड लेना क्या होता है-

टेकन फॉर ग्रांटेड का मतलब है कि पार्टनर आपके प्रयासों, भावनाओं और मौजूदगी को सामान्य समझने लगे और रिश्ते में उतनी अहमियत न दे जितनी पहले देता था।

1. आपकी कोशिशों की कद्र न करना-

आपके छोटे-बड़े प्रयास जैसे खाना बनाना, सपोर्ट करना या देखभाल करना अब उन्हें खास नहीं लगते और वे इन्हें आपकी जिम्मेदारी मानने लगते हैं।

2. आपकी भावनाओं को नजरअंदाज करना-

जब आप अपनी भावनाएं शेयर करते हैं, तो वे या तो बात टाल देते हैं या आपको “ओवरथिंकर” कहकर आपकी बात को महत्व नहीं देते।

3. क्वालिटी टाइम की कमी-

पहले जैसी डेट्स और बातचीत अब नहीं रहती। पार्टनर ज्यादातर फोन, काम या दोस्तों में व्यस्त रहता है।

4. रिश्ता एकतरफा महसूस होना-

आप लगातार प्रयास करते हैं लेकिन बदले में आपको उतना ही सपोर्ट या प्यार नहीं मिलता।

5. फ्यूचर प्लानिंग में आपकी अनदेखी-

महत्वपूर्ण फैसलों में आपकी राय को शामिल नहीं किया जाता, जिससे आप खुद को अलग-थलग महसूस करते हैं।

6. तारीफ की जगह तुलना करना-

आपकी तारीफ करने के बजाय वे अक्सर आपको दूसरों से तुलना करते हैं और कमियां निकालते हैं।

7. गलती न मानना-

गलत होने पर भी वे माफी मांगने के बजाय बहस या बचाव करने लगते हैं और बदलाव का वादा पूरा नहीं करते।

8. हमेशा आपको ही एडजस्ट करना पड़ना-

रिश्ते में समझौता ज्यादातर आपकी तरफ से होता है, जबकि पार्टनर अपनी सुविधा के अनुसार चलता है।

9. इमोशनल डिस्टेंस बढ़ना-

भले ही आप साथ रहते हों, लेकिन भावनात्मक जुड़ाव धीरे-धीरे खत्म होने लगता है।

अगर ऐसा हो रहा है तो क्या करें-

अगर ये संकेत लगातार दिखाई दे रहे हैं, तो सबसे पहले अपने पार्टनर से खुलकर बात करें। अगर स्थिति नहीं सुधरती, तो रिलेशनशिप काउंसलिंग या थेरेपी की मदद लेना एक बेहतर विकल्प हो सकता है।

यह भी पढ़ें- Assam News: असम की घटती जनसंख्या पर बोले बदरुद्दीन अजमल, ज्यादा बच्चे पैदा करने वालों को मिले प्रोत्साहन