Ghaziabad polio camp: अक्सर ये देखा गया है कि हर साल लाखों बच्चों पोलियों की भयंकर बीमारी से प्रभावित होते हैं। पोलियो एक अत्यधिक संक्रामक वायरल बीमारी है, जो तंत्रिका तंत्र (रीढ़ की हड्डी और मस्तिष्क) को प्रभावित करती है। इससे बचने के लिए गाजियाबाद ने पल्स पोलियो अभियान शुरू किया है। इस अभियान की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई है। अभियान के लिए करीब 9 लाख पोलियो वैक्सीन डोज मंगलवार को जिला स्टोर पहुंचा दिए गए हैं।
Ghaziabad polio camp: कब से शुरू होगा यह पोलियो अभियान-
सूत्रों के अनुसार गाजियाबाद का पल्स पोलियो अभियान 28 जून 2026 से शुरू होगा। पोलियो वैक्सीन को मुरादनगर, मोदीनगर, और भोजपुर केंद्रों पर भेज दिया गया है।
Ghaziabad polio camp: अभियान में रखा 7.50 लाख बच्चों का लक्ष्य-
पल्स पोलियो अभियान के लिए स्वास्थ्य विभाग ने शून्य से पांच वर्ष तक के करीब 7.50 लाख बच्चों का लक्ष्य रखा है।
इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए 1600 पोलियो बूथ बनाए जाएंगे, और करीब दो हजार टीमें घर-घर जाकर उन बच्चों का टीकाकरण करेगी जो किसी कारण वर्ष बूथों तक नहीं पहुंच सकेंगे।
22 सर्विलांस अधिकारियों को किया जाएगा तैनात-
इस अभियान में विशेष निगरानी रखने के लिए शहरी क्षेत्रों में करीब 22 सर्विलांस अधिकारियों की तैनाती की जाएगी।
अभियान की तैयारी उस समय और तेज कर दी गई डूंडाहेड़ा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के नमूने की जांच में पोलियो वायरस पुष्टि हुई थी।
इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने 12 नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में विशेष सर्वे कराया।
टीकाकरण सर्वे सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े –
107 टीमों ने 10 दिनों तक 31,100 घरों का सर्वे कर 13,932 बच्चों के टीकाकरण की स्थिति का सत्यापन किया। जांच के दौरान 289 ऐसे बच्चे मिले जिन्हें पोलियो की खुराक नहीं मिली थी। जबकि 378 बच्चे पिछले दो टीकाकरण चरणों में एक डोज लेने से चूक गए थे।
हालांकि, सर्वे में 12,786 बच्चों के दोनों चरणों में पूर्ण टीकाकरण होने की पुष्टि हुई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सचिन वैश्य ने बताया कि अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए आशा, आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को विशेष जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
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