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‘आप काम कैसे करते हैं, यही देखने आई हूं’- DM से मिलकर खिल उठा 6 साल की बच्ची का सपना

Gorakhpur DM Office: सपनों की कोई उम्र नहीं होती इस बात को सच कर दिखाया गोरखपुर की 6 साल की बच्ची जिज्ञासा ने सोमवार सुबह गोरखपुर जिलाधिकारी कार्यालय में उस वक्त सभी हैरान रह गए, जब यूनिफॉर्म, टोपी, मफलर और गले में स्कूल आई-कार्ड डाले एक नन्ही बच्ची डीएम से मिलने पहुंच गई। सवाल पूछने पर उसने बेझिझक कहा- “डीएम सर से मिलना है, देखना है वो काम क्या करते हैं। बड़े होकर मैं भी उनके जैसी बनूंगी।”

स्कूल की जगह डीएम ऑफिस पहुंच गई जिज्ञासा

दरअसल, UKG में पढ़ने वाली जिज्ञासा अपने पिता के साथ रोज़ की तरह स्कूल जाने के लिए घर से निकली थी। लेकिन स्कूल के पास पहुंचते ही उसने अचानक डीएम ऑफिस चलने की जिद पकड़ ली। पिता ने काफी समझाया कि किसी और दिन चलेंगे, लेकिन जिज्ञासा अपने फैसले पर अड़ी रही। आखिरकार पिता उसे डीएम कार्यालय लेकर पहुंचे।

Gorakhpur DM Office: ‘मुझे DM बनना है’- सुनकर मुस्कुरा उठे अधिकारी

कार्यालय में जब स्टाफ ने पूछा कि किससे मिलना है, तो बच्ची का जवाब था- “मुझे डीएम सर से काम है।” यह बात जिलाधिकारी दीपक मीणा तक पहुंची तो उन्होंने बच्ची को तुरंत अपने कक्ष में बुलाया। डीएम ने उससे पढ़ाई और स्कूल के बारे में पूछा। जिज्ञासा ने आत्मविश्वास से कहा कि वह डीएम बनना चाहती है और इसलिए उन्हें देखने आई है।

Gorakhpur DM Office: DM की सीख और एक यादगार फोटो

डीएम दीपक मीणा ने बच्ची को प्यार से समझाया कि अच्छे से पढ़ाई करो, माता-पिता की बात मानो, एक दिन जरूर अपने सपने को पूरा करोगी। बातचीत के अंत में जिज्ञासा ने फोटो खिंचवाने की इच्छा जताई, जिसे डीएम ने खुशी-खुशी पूरा किया। फोटो के बाद जिज्ञासा मुस्कुराते हुए बोली- “डीएम सर बहुत अच्छे हैं, अब मैं और मेहनत से पढ़ूंगी।” इस मासूम मुलाकात ने डीएम ऑफिस में मौजूद फरियादियों और कर्मचारियों के चेहरों पर भी मुस्कान बिखेर दी। सभी ने जिज्ञासा के सपनों की तारीफ की।

Gorakhpur DM Office
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परिवार बोला- बेटी अब और जिम्मेदार हो गई

जिज्ञासा के पिता डॉ. धर्मेश कुमार ने बताया कि बेटी शुरू से ही डीएम बनने की बात करती है। वहीं मां अंजनी ने कहा कि डीएम से मिलने के बाद जिज्ञासा अब पढ़ाई और अनुशासन को लेकर पहले से ज्यादा गंभीर हो गई है। यह मुलाकात सिर्फ एक फोटो तक सीमित नहीं रही, बल्कि एक छोटी बच्ची के बड़े सपने की प्रेरणादायक कहानी बन गई।

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