Heatwave Health Advisory: देश के कई राज्यों में लगातार बढ़ते तापमान और लू (हीटवेव) की स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) के आयुष प्रभाग ने आयुष मंत्रालय के सहयोग से एक विस्तृत पब्लिक हेल्थ एडवाइजरी जारी की है। इसका उद्देश्य लोगों को गर्मी से होने वाली बीमारियों और हीट स्ट्रेस से सुरक्षित रखना है।
एडवाइजरी का मुख्य उद्देश्य
इस एडवाइजरी में आम नागरिकों के साथ-साथ संवेदनशील वर्गों, कामगारों, नियोक्ताओं, बड़े आयोजनों और खेल गतिविधियों में शामिल लोगों के लिए साफ और आसान दिशा-निर्देश दिए गए हैं, ताकि वे गर्मी के असर से खुद को सुरक्षित रख सकें।
एडवाइजरी में बताया गया है कि लोगों को दिन के सबसे गर्म समय में सीधे धूप में जाने से बचना चाहिए। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी है। हल्के और सूती कपड़े पहनने की सलाह दी गई है। साथ ही मौसमी फल और इलेक्ट्रोलाइट युक्त तरल पदार्थों का सेवन करने पर जोर दिया गया है ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।

किन लोगों को ज्यादा सावधानी की जरूरत है
इसमें कहा गया है कि शिशु, छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग, बाहर काम करने वाले श्रमिक और हृदय रोग या उच्च रक्तचाप जैसी पुरानी बीमारियों से पीड़ित लोगों को गर्मी के दौरान विशेष देखभाल और निगरानी की जरूरत होती है।
कार्यस्थलों, सार्वजनिक कार्यक्रमों और बाहरी गतिविधियों के लिए खास सावधानियां बताई गई हैं। इनमें छायादार आराम स्थल बनाना, नियमित पानी पीने के लिए ब्रेक देना, श्रमिकों को गर्म मौसम के अनुसार ढालना और लोगों को हीट स्ट्रेस के लक्षणों के बारे में जागरूक करना शामिल है।
Heatwave Health Advisory: हीट स्ट्रेस के खतरनाक लक्षण
एडवाइजरी में चेतावनी दी गई है कि चक्कर आना, सिरदर्द, मतली, मानसिक स्थिति में बदलाव, शरीर का अत्यधिक गर्म होना, डिहाइड्रेशन, दौरे पड़ना और बेहोशी जैसे लक्षण गंभीर हो सकते हैं। ‘हीटस्ट्रोक’ को एक मेडिकल इमरजेंसी बताया गया है, जिसमें तुरंत इलाज जरूरी होता है। ऐसी स्थिति में 108 या 102 आपातकालीन हेल्पलाइन पर संपर्क करने की सलाह दी गई है।
इस एडवाइजरी में आयुर्वेद, सिद्ध, योग, यूनानी और होम्योपैथी जैसी पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों के निवारक उपाय भी शामिल किए गए हैं।
Heatwave Health Advisory: आयुर्वेदिक सुझाव
आयुर्वेद में शरीर को ठंडा रखने के लिए गर्मी के अनुकूल आहार लेने की सलाह दी गई है। इसमें छाछ, नारियल पानी और नींबू आधारित पेय शामिल हैं। साथ ही ‘निम्बुक फल पानक’, ‘आम्र प्रपानक’ और ‘चिंचा पानक’ जैसे पारंपरिक पेय भी उपयोगी बताए गए हैं।
सिद्ध और योग के उपाय
सिद्ध और योग पद्धति में ठंडक देने वाले पेय, शीतली प्राणायाम जैसी श्वास तकनीकें और हल्के योग अभ्यास अपनाने की सलाह दी गई है, ताकि शरीर को आराम मिले और गर्मी का असर कम हो।
यूनानी और होम्योपैथी सुझाव
यूनानी चिकित्सा में गर्मी से बचाव के लिए पारंपरिक ठंडे पेय और हर्बल लेप लगाने की सलाह दी गई है। वहीं होम्योपैथी में भी गर्मी के मौसम में सावधानी और बचाव के उपाय अपनाने पर जोर दिया गया है।
गर्मी में खाने-पीने की सलाह
लोगों को अपने रोजमर्रा के आहार में खीरा, तरबूज, नींबू, खरबूजा, लौकी और टमाटर जैसे पानी से भरपूर और ठंडक देने वाले खाद्य पदार्थ शामिल करने की सलाह दी गई है, ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहे।
मौसम अपडेट पर नजर रखें
अंत में नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे भारतीय मौसम विभाग (IMD) द्वारा जारी मौसम संबंधी अपडेट पर नियमित नजर रखें और लू की चेतावनियों के दौरान सभी जरूरी सावधानियां जरूर अपनाएं।
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