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Indian Flight Safety: कहीं फ्लाइट का इंजन फेल, कहीं AC खराब तो कहीं पायलट पर नशे का आरोप, भारतीय उड़ानों की सुरक्षा पर उठे सवाल

Indian Flight Safety: कहीं फ्लाइट का इंजन फेल, कहीं AC खराब तो कहीं पायलट पर नशे का आरोप, भारतीय उड़ानों की सुरक्षा पर उठे सवाल

Indian Flight Safety: भारतीय विमानन क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों में सामने आई अलग-अलग घटनाओं ने फ्लाइट्स की सुरक्षा, मेंटेनेंस और एयरलाइन संचालन को लेकर चिंता बढ़ा दी है। कहीं उड़ान के दौरान इंजन में तकनीकी खराबी सामने आई, कहीं रनवे की समस्या के चलते फ्लाइट ऑपरेशन रोकना पड़ा और कहीं विमान के अंदर AC खराब होने से यात्री परेशान हुए। सबसे गंभीर मामला एयर इंडिया की एक फ्लाइट से जुड़ा है, जिसमें पायलट के ड्रग टेस्ट को लेकर भी सवाल उठे हैं।ताजा मामला इंडिगो की फ्लाइट 6E-723 का है, जो कोलकाता से चेन्नई जा रही थी। चेन्नई पहुंचने से ठीक पहले विमान के बाएं इंजन में खराबी की जानकारी सामने आई। इसके बाद चेन्नई एयरपोर्ट पर फुल इमरजेंसी घोषित की गई। विमान में 224 यात्री और क्रू सदस्य सवार थे। फ्लाइट ने रात करीब 11:37 बजे रनवे 25 पर सुरक्षित लैंडिंग की। सभी यात्री और क्रू सुरक्षित रहे। घटना के बाद विमान की तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है।

वाराणसी एयरपोर्ट पर दो घंटे प्रभावित रहा संचालन

वाराणसी एयरपोर्ट पर भी रनवे से जुड़ी तकनीकी समस्या के कारण करीब दो घंटे तक विमानों का संचालन प्रभावित रहा। इस दौरान न तो कुछ विमानों की लैंडिंग हो सकी और न ही उड़ानें सामान्य रूप से संचालित हो पाईं। कुछ फ्लाइट्स को दूसरे एयरपोर्ट की ओर डायवर्ट किया गया। जरूरी जांच और रखरखाव के बाद रनवे को दोबारा ऑपरेशन के लिए खोल दिया गया।

Indian Flight Safety: स्पाइसजेट की फ्लाइट में AC खराब

दिल्ली से पुणे जा रही स्पाइसजेट की फ्लाइट में AC खराब होने के बाद यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। गर्मी और उमस के बीच यात्रियों ने नाराजगी जताई और उड़ान भरने से पहले ही विरोध किया। विमान को वापस बे पर लाया गया। घटना के वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आए। एयरलाइन की ओर से तकनीकी समस्या को लेकर यात्रियों को हुई असुविधा पर खेद जताया गया।

Indian Flight Safety: एयर इंडिया फ्लाइट में अचानक खोई 300 फीट ऊंचाई

सबसे गंभीर घटनाओं में एयर इंडिया की फ्लाइट AI-2379 का मामला है। फुकेत से दिल्ली आ रही इस फ्लाइट ने उड़ान के दौरान अचानक करीब 300 फीट की ऊंचाई खो दी थी। घटना में कई यात्रियों और क्रू सदस्यों के घायल होने की जानकारी सामने आई। विमान में 137 यात्री और आठ क्रू सदस्य सवार थे। घटना के बाद विमान सुरक्षित दिल्ली में उतरा और मामले की जांच Aircraft Accident Investigation Bureau यानी AAIB ने अपने हाथ में ली।भारी बारिश के बाद नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी टर्मिनल और पार्किंग क्षेत्र को जोड़ने वाले रास्ते पर पानी जमा हो गया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। एयरपोर्ट प्रशासन के मुताबिक तेज बारिश के कारण कुछ समय के लिए जलभराव हुआ था और टीमों ने तुरंत पानी निकालने का काम शुरू कर दिया। करीब आधे घंटे में स्थिति सामान्य कर दी गई और फ्लाइट ऑपरेशन पर असर नहीं पड़ा।

पायलट के ड्रग टेस्ट ने बढ़ाई चिंता

मामले में पायलट-इन-कमांड के ड्रग टेस्ट की रिपोर्ट सामने आने के बाद चिंता और बढ़ गई। रिपोर्टों के मुताबिक शुरुआती जांच के बाद कंफर्मेटरी टेस्ट में भी सैंपल में मारिजुआना की मौजूदगी की पुष्टि हुई। पायलट को उड़ान ड्यूटी से हटाए जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि जांच पूरी होने से पहले यह कहना सही नहीं होगा कि विमान के ऊंचाई खोने की घटना का कारण पायलट का ड्रग सेवन ही था। AAIB तकनीकी और मानवीय दोनों पहलुओं की जांच कर रहा है।इन घटनाओं को एक साथ देखें तो सवाल सिर्फ किसी एक एयरलाइन पर नहीं बल्कि पूरे एविएशन सिस्टम की निगरानी, मेंटेनेंस और सुरक्षा व्यवस्था पर उठता है। हर तकनीकी खराबी को लापरवाही नहीं कहा जा सकता, लेकिन लगातार सामने आ रही घटनाएं यह जरूर बताती हैं कि एयरलाइंस और नियामक एजेंसियों को सुरक्षा मानकों की निगरानी और मजबूत करनी होगी।आखिर हवाई सफर यात्रियों के भरोसे पर टिका है। विमान की तकनीकी जांच से लेकर पायलट की फिटनेस, रनवे की सुरक्षा और आपातकालीन व्यवस्था तक हर स्तर पर छोटी से छोटी चूक भी गंभीर साबित हो सकती है। ऐसे में जरूरी है कि हर मामले की निष्पक्ष जांच हो और जहां लापरवाही साबित हो, वहां सख्त कार्रवाई की जाए।

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