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जावा द्वीप में भीषण तबाही, बाढ़ और भूस्खलन से 21 की मौत, दर्जनों लापता

Indonesia news: इंडोनेशिया के जावा द्वीप में भारी बारिश के बाद आई बाढ़ और भूस्खलन ने भीषण तबाही मचा दी है। इस आपदा में अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। बुधवार को फिर से तलाशी अभियान शुरू किया गया, जिसमें चार और शव बरामद किए गए। सोमवार को हुई मूसलाधार बारिश के बाद मध्य जावा प्रांत के पेकालोंगन रीजेंसी में हालात अचानक बिगड़ गए। उफनती नदियों का पानी नौ गांवों में घुस गया, जबकि पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन हो गया। कई गांव पूरी तरह कीचड़, चट्टानों और उखड़े पेड़ों से ढक गए।

गांवों में तबाही का मंजर

राष्ट्रीय खोज और बचाव एजेंसी द्वारा जारी तस्वीरों और वीडियो में दिख रहा है कि स्थानीय लोग और मजदूर भारी कीचड़ में फंसे इलाकों में खुदाई कर रहे हैं। सड़कें और हरे-भरे सीढ़ीनुमा खेत गहरे भूरे कीचड़ में तब्दील हो चुके हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी के प्रवक्ता अब्दुल मुहारी के मुताबिक, पेटुंगक्रियोनो रिसॉर्ट क्षेत्र में बाढ़ के बाद भूस्खलन हुआ, जिसमें दो घर और एक कैफे दब गए। इस आपदा में 25 घर, एक बांध और तीन प्रमुख पुल पूरी तरह नष्ट हो गए।
कम से कम 13 लोग घायल हुए हैं, जबकि करीब 300 लोगों को अस्थायी राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी है।

Indonesia news: मौसमी बारिश बनी वजह

इंडोनेशिया में हर साल भारी बारिश के मौसम में बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं आम हैं। बड़ी आबादी पहाड़ी इलाकों और बाढ़-प्रवण क्षेत्रों में रहती है, जिससे खतरा और बढ़ जाता है। पिछले शनिवार को हुए भूस्खलन में कम से कम 8 लोगों की मौत हुई थी और 82 लोग लापता बताए गए थे।

लापता लोगों की तलाश जारी

Indonesia news: बचाव दल अब भी गहरी कीचड़ और मलबे के नीचे दबे लोगों की तलाश में जुटे हैं। पश्चिम जावा प्रांत के वेस्ट बांडुंग जिले के पासिर लंगू गांव में हालात सबसे ज्यादा खराब हैं, जहां करीब 34 घर मलबे में दब गए। आपदा प्रबंधन अधिकारियों के अनुसार, अस्थिर मिट्टी और लगातार हो रही बारिश के कारण राहत कार्यों में काफी मुश्किलें आ रही हैं। एहतियातन भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र से 100 मीटर के दायरे में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

 

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