Punjab news: पंजाब की राजनीति अब एक नए मोड़ पर पहुंच गई है, जहां सियासी लड़ाई सड़कों और सदन से निकलकर सीधे राष्ट्रपति भवन तक जा पहुंची है। आम आदमी पार्टी (AAP) से अलग हुए सात सांसद 5 मई को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करेंगे और पंजाब सरकार पर बदले की भावना से कार्रवाई करने का आरोप लगाएंगे। दिलचस्प बात यह है कि उसी दिन मुख्यमंत्री भगवंत मान को भी राष्ट्रपति से मिलने का समय दिया गया है, जिससे यह टकराव और ज्यादा अहम हो गया है।
बागी सांसदों की राष्ट्रपति से मुलाकात
AAP और उसके बागी नेताओं के बीच विवाद अब खुलकर सामने आ चुका है। राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा समेत सात सांसदों को सुबह 10:40 बजे राष्ट्रपति से मिलने का समय मिला है। ये सभी सांसद, जो अब भाजपा में शामिल हो चुके हैं, पंजाब सरकार पर राज्य मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप लगाने वाले हैं। उनका कहना है कि उन्हें राजनीतिक रूप से निशाना बनाया जा रहा है।
Punjab news: CM भगवंत मान भी रखेंगे पक्ष
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी इस पूरे मामले पर अपनी बात रखने के लिए राष्ट्रपति से मिलने की इच्छा जताई थी। उन्होंने अपने 89 विधायकों के साथ मुलाकात की मांग की थी, लेकिन उन्हें सिर्फ अकेले ही मिलने की अनुमति दी गई। अब वह 5 मई को दोपहर 12 बजे राष्ट्रपति से मिलेंगे और राज्य सरकार का पक्ष रखेंगे।
Punjab news: FIR पर संदीप पाठक की सफाई
इस बीच आम आदमी पार्टी के नेता संदीप पाठक भी इस घटनाक्रम को लेकर चर्चा में हैं। उनके खिलाफ दर्ज कथित FIR को लेकर उन्होंने कहा कि उन्हें अब तक इसकी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है। उन्होंने साफ किया कि जब तक उन्हें औपचारिक सूचना नहीं मिलती, तब तक वह इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देंगे।
आगे और गरमा सकती है सियासत
Punjab news: कुल मिलाकर, पंजाब की राजनीति में यह टकराव आने वाले दिनों में और तेज होने के संकेत दे रहा है। 5 मई को राष्ट्रपति भवन में होने वाली ये मुलाकातें इस सियासी लड़ाई को नया मोड़ दे सकती हैं और राज्य की राजनीति पर इसका बड़ा असर पड़ सकता है।
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