Home » मध्य प्रदेश » इंदौर में 29.65 लाख की लूट का खुलासा, रिटायर्ड आर्मीमैन निकला मास्टरमाइंड

इंदौर में 29.65 लाख की लूट का खुलासा, रिटायर्ड आर्मीमैन निकला मास्टरमाइंड

Indore news: मध्य प्रदेश के इंदौर में हुई 29 लाख 65 हजार रुपये की चर्चित लूटकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में एक रिटायर्ड आर्मीमैन को मास्टरमाइंड बताया गया है, जिसने अपने साथियों के साथ मिलकर पूरी वारदात की साजिश रची थी। पुलिस ने आरोपियों के पास से बड़ी रकम बरामद करने के साथ ही लूट के पैसों से खरीदी गई कार भी जब्त की है।

कारोबारी के लेनदेन की जानकारी का उठाया फायदा

पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी चंद्रशेखर मुकाती सीधे स्क्रैप कारोबारी मुकुल अग्रवाल के यहां काम नहीं करता था, लेकिन उसे उनके कारोबार, कलेक्शन सिस्टम और रोजाना होने वाले लाखों रुपये के लेनदेन की पूरी जानकारी थी। इसी जानकारी का फायदा उठाकर उसने अपने साथी प्रवीण और अमर के साथ लूट की योजना बनाई।

Indore news: 24 मई को हुई थी वारदात

यह घटना 24 मई को पंडरीनाथ थाना क्षेत्र में हुई थी। स्क्रैप कारोबारी मुकुल अग्रवाल की कलेक्शन एजेंसी के एक कर्मचारी से 29 लाख 65 हजार रुपये लूट लिए गए थे। घटना के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की मदद से जांच शुरू की।

महंगे शौक और आर्थिक तंगी बनी वजह

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे और अपने महंगे शौक पूरे करना चाहते थे। इसी वजह से उन्होंने लूट की साजिश रची और उसे अंजाम दिया।

Indore news: लूट के बाद मंदिर में किया दान

वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी प्रसिद्ध सांवरिया सेठ मंदिर पहुंचे थे। यहां उन्होंने 1 लाख 11 हजार रुपये का दान भी किया। इसके बाद आरोपी महाराष्ट्र, राजस्थान समेत कई राज्यों में घूमते रहे ताकि पुलिस से बच सकें।

कई राज्यों में दबिश देकर पकड़े गए आरोपी

इंदौर पुलिस ने लगातार पीछा करते हुए महाराष्ट्र और राजस्थान समेत विभिन्न स्थानों पर दबिश दी। आखिरकार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उनके कब्जे से 22 लाख 50 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं।

Indore news: लूट के पैसों से खरीदी थी कार

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने लूट की रकम से करीब ढाई लाख रुपये की एक कार खरीदी थी। पुलिस ने उस कार को भी जब्त कर लिया है।

दो अन्य लोगों पर भी कार्रवाई

Indore news: पुलिस के अनुसार, फिरोज और कपिल भंडारी लूट की साजिश या वारदात में सीधे शामिल नहीं थे। हालांकि, आरोप है कि उन्होंने वारदात के बाद आरोपियों को संरक्षण दिया और उनके साथ घूमते रहे। इसी आधार पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। फिलहाल पुलिस 29.65 लाख रुपये की लूट में से 22.50 लाख रुपये बरामद कर चुकी है और मामले की आगे जांच जारी है।

 

ये भी पढ़े: इटावा में नवविवाहिता की संदिग्ध मौत, 3 महीने पहले हुई थी शादी; मायके पक्ष ने लगाया हत्या का आरोप