New Delhi: शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने दावा किया कि उनकी पार्टी के कुछ सांसदों को पाला बदलने के लिए 15-15 करोड़ रुपये पहुंचाए जा चुके हैं। उन्होंने सख्त चेतावनी दी कि पार्टी के चुनाव चिन्ह पर चुने गए जो सांसद बगावत करेंगे, उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा।यूबीटी से बगावत करने वाले सांसदों को गाली दिये जाने के सवाल पर संजय राउत दो-टूक शब्दों में बोले कि आखिर इसमें गलत क्या है? हम मराठी भाषा में ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं। जो 15 करोड़ रुपये लेकर पार्टी छोड़ दे, ऐसे व्यक्ति के बारे में आप क्या कहेंगे? क्या आप उस पर फूल बरसाएंगे? बताया जाता है कि शिवसेना (यूबीटी) के 9 में से 6 से 7 सांसद या तो उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल होने वाले हैं या अलग गुट बना सकते हैं।
राउत की बागियों को सख्त चेतावनी
टूट की खबरों को लेकर पार्टी के प्रवक्ता संजय राउत ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई बेईमानी करेगा तो छोड़ेंगे नहीं। जिसको जाना है इस्तीफा दे और जाए। जनता अब चुप नहीं बैठेगी। बागी सांसदों को छोड़ेंगे नहीं, शिवसेना हमारी मां है। सांसद संजय राउत ने आगे कहा, “ये सभी हमारी पार्टी के सदस्य, सांसद और प्रतिनिधि हैं, जिनके लिए हमारे कार्यकर्ताओं ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में बहुत लगन और त्याग के साथ काम किया है। हमने उन्हें टिकट दिए, चुनाव के लिए आर्थिक मदद की और अपनी क्षमता के अनुसार हर संभव कोशिश की। इतनी कोशिशों के बाद भी अगर उनके बारे में ऐसी खबरें आ रही हैं, तो उन्हें सामने आकर साफ तौर पर इनका खंडन करना चाहिए। मैं एक बार फिर कहना चाहता हूं कि यह स्थिति जारी नहीं रह सकती। अगर कोई छोड़ना चाहता है, तो उसे पहले इस्तीफा देना चाहिए। महाराष्ट्र की जनता अब चुप नहीं बैठेगी।”
New Delhi: नेतृत्व को टूट का अहसास
पार्टी की टूट का अहसास नेतृत्व को बखूबी है। यही वजह है कि 16 जून को शिवसेना (उद्धव बाला साहेब ठाकरे) के सांसद अरविंद सावंत ने पार्टी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के निर्देश पर लोकसभा के स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखा। लोकसभा अध्यक्ष को लिखे पत्र के जरिए पार्टी के कुछ सांसदों को अलग समूह के रूप में मान्यता दिए जाने अथवा किसी अन्य राजनीतिक दल में विलय की संभावनाओं पर गंभीर आपत्ति जताई गई है। इसके साथ ही मांग की गई है कि बागी सांसदों को अलग मान्यता न दी जाए।








