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चेन्नई में काली पट्टी बांधकर मैदान में क्यों उतरे सीएसके-केकेआर के खिलाड़ी? जानें क्या है वजह…

IPL 2026
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IPL 2026: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 में चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) और कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के बीच मंगलवार को खेले जा रहे मैच में दोनों टीमों के खिलाड़ी काली पट्टी बांधकर उतरे। ऐसा दिवंगत क्रिकेटर गोपनाथ के सम्मान में किया गया, जिनका पिछले हफ्ते 96 साल की उम्र में निधन हो गया था।

दुनिया के दूसरे सबसे उम्रदराज क्रिकेटर

गोपीनाथ देश के सबसे उम्रदराज टेस्ट क्रिकेटर थे और नील हार्वे के बाद दुनिया के दूसरे सबसे उम्रदराज क्रिकेटर थे। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने एक आधिकारिक बयान में गोपीनाथ को श्रद्धांजलि देते हुए उनके निधन को भारतीय क्रिकेट के लिए एक बड़ी क्षति बताया था। बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया ने कहा कि सीडी गोपीनाथ उस पीढ़ी से ताल्लुक रखते थे, जिसने भारतीय क्रिकेट के शुरुआती वर्षों को आकार देने में मदद की। भारत की पहली टेस्ट जीत का हिस्सा होना एक ऐसा सम्मान है, जिसे हमेशा याद रखा जाएगा।

IPL 2026: शुरुआती वर्षों में निभाई अहम भूमिका

गोपीनाथ ने भारतीय क्रिकेट के शुरुआती वर्षों में अहम भूमिका निभाई थी। वह उस टीम का हिस्सा रहे, जिसने साल 1952 में मद्रास (अब चेन्नई) में इंग्लैंड के खिलाफ भारत की पहली टेस्ट जीत हासिल की थी। यह देश के क्रिकेट इतिहास में ऐतिहासिक पल था। गोपीनाथ ने 1951 से 1960 के बीच भारत के लिए 8 टेस्ट मैच खेले और अपने पहले ही मैच में 50 नाबाद और 42 रन बनाकर अपनी छाप छोड़ी। अपने अंतरराष्ट्रीय करियर के अलावा, गोपीनाथ तमिलनाडु क्रिकेट में भी एक अहम हस्ती थे। उन्होंने तमिलनाडु की कप्तानी करते हुए 1954-55 के सीजन में टीम को अपनी पहली रणजी ट्रॉफी जिताने में मदद की, जिसके फाइनल में शतक लगाया।

अपने फर्स्ट-क्लास करियर में उन्होंने 60 मुकाबलों में 4,259 रन बनाए। बतौर खिलाड़ी संन्यास के बाद गोपीनाथ ने राष्ट्रीय चयनकर्ता के तौर पर काम किया, जिसमें कुछ समय तक चेयरमैन भी रहे। साल 1979 में इंग्लैंड दौरे पर भारतीय टीम के मैनेजर रहे। गोपीनाथ के निधन के बाद, चंद्रकांत पाटणकर भारत के सबसे उम्रदराज जीवित टेस्ट क्रिकेटर बन गए। साल 1956 में एकमात्र टेस्ट खेला था। 24 नवंबर 1930 को जन्मे चंद्रकांत ने साल 1956 में भारत के लिए एकमात्र टेस्ट मैच खेला था।

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