Iran crisis: ईरान और अमेरिका के बीच एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंच गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर दोनों देशों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। ईरान की ओर से संकेत दिए गए हैं कि अगर उसकी स्थिति कमजोर होती है तो वह इस अहम समुद्री मार्ग पर सख्ती बढ़ा सकता है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति पर असर पड़ सकता है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान की सख्त चेतावनी
ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद गालिबाफ ने सख्त लहजे में कहा कि अगर ईरान खुद इस मार्ग से सुरक्षित नहीं गुजर सकता, तो दूसरों के लिए भी यह संभव नहीं होगा। ईरान ने यह भी चेतावनी दी है कि जब तक उसके बंदरगाहों पर लगी कथित नाकेबंदी नहीं हटती, तब तक इस जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर प्रतिबंध जारी रह सकता है।
Iran crisis: सीजफायर खत्म होने से पहले बढ़ा तनाव
इस बीच, ईरान और अमेरिका के बीच जारी सीजफायर भी जल्द खत्म होने वाला है, जिससे हालात और ज्यादा तनावपूर्ण होने की आशंका जताई जा रही है। अभी तक बातचीत के दूसरे दौर की कोई तारीख तय नहीं हुई है, जिससे कूटनीतिक समाधान की उम्मीद कमजोर दिख रही है।
बातचीत और मध्यस्थता की कोशिशें जारी
Iran crisis: ईरान ने यह भी दावा किया है कि उसे अमेरिका की ओर से नए प्रस्ताव मिले हैं और मध्यस्थ देशों के जरिए बातचीत की कोशिशें चल रही हैं। हालांकि, दोनों देशों के बीच भरोसे की कमी के चलते स्थिति लगातार अनिश्चित बनी हुई है।
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