Iran-US Ceasefire: अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव के बीच बड़ी खबर सामने आई है। दोनों देशों ने युद्धविराम (Ceasefire) को लेकर सहमति बनने का दावा किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी साझा करते हुए कहा कि ईरान के साथ समझौता हो गया है। इसके कुछ ही समय बाद ईरान की ओर से भी बयान जारी किया गया। ईरानी अधिकारियों ने कहा कि कई महीनों तक चली कठिन और जटिल बातचीत के बाद अमेरिका के साथ सीजफायर से जुड़े समझौते को अंतिम रूप दे दिया गया है। इस घोषणा के बाद मिडिल ईस्ट में शांति की उम्मीदें बढ़ी हैं।
इजरायल ने समझौते से बनाई दूरी
हालांकि अमेरिका और ईरान के बीच समझौते की खबर के बीच इजरायल की तरफ से अलग रुख देखने को मिला है। इजरायल की सरकार में मंत्री बेन ग्वेर ने साफ कहा है कि यह समझौता इजरायल पर लागू नहीं होता। उन्होंने कहा कि इजरायल एक स्वतंत्र और संप्रभु देश है और उसकी पहली जिम्मेदारी अपने नागरिकों, सैनिकों और यहूदी समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
Iran-US Ceasefire: अंतरराष्ट्रीय दबाव के आगे झुकने की कीमत चुकाई
बेन ग्वेर ने कहा कि इतिहास में कई बार इजरायल ने अंतरराष्ट्रीय दबाव के आगे समझौते किए, लेकिन बाद में उसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ी। उनके मुताबिक, ओस्लो समझौता, 2006 का लेबनान समझौता और गाजा को लेकर हुए कई फैसले ऐसे उदाहरण हैं, जिनके नतीजे इजरायल के लिए नुकसानदायक साबित हुए।
Iran-US Ceasefire: यह समझौता हमारी सुरक्षा की गारंटी नहीं देता
इजरायली मंत्री ने कहा कि वह अमेरिका और राष्ट्रपति ट्रंप का सम्मान करते हैं, लेकिन यह समझौता इजरायल की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं करता। उन्होंने दो टूक कहा कि इजरायल इस समझौते का हिस्सा नहीं है और वह किसी भी ऐसे समझौते को स्वीकार नहीं करेगा जो उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित करे। बेन ग्वेर ने हिज्बुल्लाह के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि संगठन को पूरी तरह खत्म किए बिना किसी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता। साथ ही उन्होंने कब्जे वाले इलाकों से पीछे न हटने की भी वकालत की।
हमलों का जवाब देगा इजरायल
बेन ग्वेर ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि लेबनान की तरफ से इजरायल पर ड्रोन, मिसाइल या अन्य हमले किए जाते हैं तो उसका जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इजरायल को अपनी सुरक्षा नीति और प्रतिरोधक क्षमता (Deterrence) को किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं होने देना चाहिए।
हम 3,000 साल पुरानी सभ्यता हैं
अपने बयान के अंत में बेन ग्वेर ने कहा कि यहूदी समुदाय हजारों साल पुराना है और उसने इतिहास में कई चुनौतियों का सामना किया है। उन्होंने कहा कि आज का इजरायल मजबूत और आत्मविश्वासी है तथा वह अपने दुश्मनों के सामने झुकने के लिए तैयार नहीं है। उनके मुताबिक, अब वह दौर खत्म हो चुका है जब यहूदी हमले सहकर चुप रहते थे।
मिडिल ईस्ट में शांति पर फिर सवाल
Iran-US Ceasefire: अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की घोषणा को क्षेत्रीय स्थिरता की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। लेकिन इजरायल की ओर से आए कड़े बयानों ने यह संकेत दिया है कि मिडिल ईस्ट में तनाव पूरी तरह खत्म होने की संभावना अभी दूर है।
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