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लेबनान में इजराइल का भीषण हमला, एक दिन में 254 मौतें, 1165 से ज्यादा घायल, देशभर में राष्ट्रीय शोक घोषित

लेबनान में इजराइल के हमले में 254 लोगों की मौत
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Israel Lebanon Attack: लेबनान में इजराइल द्वारा किए गए हमलों में एक ही दिन में 254 लोगों की जान चली गई, जबकि 1165 से अधिक लोग घायल हो गए। इस बड़ी त्रासदी के बाद पूरे देश में राष्ट्रीय शोक घोषित कर दिया गया है।लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने कहा कि सरकार इजराइली हमलों को रोकने के लिए अपने सभी राजनीतिक और कूटनीतिक संसाधनों का इस्तेमाल कर रही है। वहीं स्वास्थ्य मंत्री रकान नासेरद्दीन ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मदद की अपील की है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में घायलों के इलाज के कारण देश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर भारी दबाव पड़ रहा है।

लेबनान में इजराइल के हमले में 254 लोगों की मौत
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सीजफायर को लेकर विवाद गहराया

सीजफायर को लेकर भी अलग-अलग बयान सामने आ रहे हैं। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का कहना है कि इस समझौते में लेबनान शामिल नहीं है। जेडी वेंस ने स्पष्ट कहा कि अमेरिका ने ऐसा कोई वादा नहीं किया था।

दूसरी ओर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका को तय करना होगा कि वह सीजफायर लागू करना चाहता है या फिर इजराइल के माध्यम से युद्ध जारी रखना चाहता है, क्योंकि दोनों बातें एक साथ संभव नहीं हैं।

होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर ईरान का नया टैक्स

ईरान होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले तेल टैंकरों पर हर बैरल तेल के लिए 1 डॉलर टैक्स लगाने की योजना बना रहा है। यह भुगतान क्रिप्टोकरेंसी में लेने की बात कही जा रही है। फाइनेंशियल टाइम्स ने सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है।

ईरान इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर नजर रखेगा और उन्हें नियंत्रित करेगा। जहाजों को पहले अपने कार्गो की जानकारी देनी होगी, तभी उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति दी जाएगी।

ईरानी अधिकारी हामिद होसैनी ने बताया कि यह कदम इसलिए उठाया जा रहा है ताकि अगले दो हफ्तों में हथियारों की आवाजाही को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि जहाजों को गुजरने दिया जाएगा, लेकिन प्रक्रिया में समय लग सकता है क्योंकि ईरान किसी जल्दबाजी में नहीं है।

इस योजना के तहत जहाजों को ईमेल के माध्यम से अपने माल की जानकारी देनी होगी। इसके बाद ईरान टैक्स तय करेगा, जो हर बैरल पर 1 डॉलर होगा और इसका भुगतान बिटकॉइन जैसी डिजिटल करेंसी में करना होगा।

Israel Lebanon Attack: दक्षिणी लेबनान में इजराइल के नए हमले

दक्षिणी लेबनान में इजराइल की सैन्य कार्रवाई और तेज हो गई है। हारूफ शहर पर हमले के बाद अब इजराइली सेना ने अल-दुवैर (खेरबेट एल-दुवैर) को निशाना बनाया है।

अल जजीरा अरबी की रिपोर्ट के अनुसार यह हमला ऐसे समय हुआ है जब क्षेत्र में पहले से ही तनाव और संघर्ष बढ़ रहा है। इससे पहले भी दक्षिणी लेबनान के कई इलाकों में हमले किए जा चुके हैं।

लेबनान में इजराइल के हमले में 254 लोगों की मौत
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इस्लामाबाद में दो दिन की छुट्टी

पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली महत्वपूर्ण वार्ता से पहले इस्लामाबाद में दो दिन की छुट्टी घोषित की है। जिला प्रशासन ने देर रात नोटिफिकेशन जारी कर आज और कल के लिए यह फैसला लागू किया।हालांकि छुट्टी का स्पष्ट कारण नहीं बताया गया है, लेकिन इसे सुरक्षा व्यवस्था से जोड़ा जा रहा है।

इस शुक्रवार को इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच उच्च स्तरीय बातचीत होनी है। व्हाइट हाउस के अनुसार इस वार्ता में अमेरिकी टीम का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस करेंगे।प्रशासन ने बताया कि यह अवकाश केवल इस्लामाबाद कैपिटल टेरिटरी में लागू होगा। पुलिस, अस्पताल, बिजली और गैस जैसी आवश्यक सेवाएं सामान्य रूप से चलती रहेंगी।

ऑस्ट्रेलिया की मांग: सीजफायर लेबनान पर भी लागू हो

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच हुआ सीजफायर लेबनान पर भी लागू होना चाहिए। ब्रिस्बेन में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह समझौता सकारात्मक कदम जरूर है, लेकिन इसे स्थायी समाधान में बदलना जरूरी है।उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का मानना है कि यह युद्धविराम सीमित इलाकों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि लेबनान में भी लागू किया जाना चाहिए।

Israel Lebanon Attack:  लेबनान में इजराइल के हमले में 254 लोगों की मौत
लेबनान में इजराइल के हमले में 254 लोगों की मौत

Israel Lebanon Attack: IMF और वर्ल्ड बैंक की चेतावनी 

ईरान युद्ध का असर अब वैश्विक खाद्य सुरक्षा पर भी दिखाई देने लगा है। वर्ल्ड बैंक, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और संयुक्त राष्ट्र के वर्ल्ड फूड प्रोग्राम (WFP) ने संयुक्त बयान जारी कर चेतावनी दी है कि तेल, गैस और उर्वरकों की कीमतों में बढ़ोतरी से खाद्य पदार्थ महंगे हो सकते हैं।

इन संस्थाओं ने कहा कि मिडिल ईस्ट में चल रहा संघर्ष केवल उस क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर पूरी दुनिया में लोगों की जिंदगी और आजीविका पर पड़ सकता है।उन्होंने यह भी कहा कि खाद्य, ईंधन और उर्वरकों की सप्लाई में आई रुकावट का सबसे ज्यादा असर गरीब और आयात पर निर्भर देशों के लोगों पर पड़ेगा। अगर हालात ऐसे ही बने रहे तो वैश्विक खाद्य संकट और गहरा सकता है।

संयुक्त राष्ट्र ने की इजराइली हमलों की निंदा

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने लेबनान में इजराइल के हमलों की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि इन हमलों में सैकड़ों नागरिकों की मौत हुई है और कई लोग घायल हुए हैं, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं।उनके प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि गुटेरेस नागरिकों की मौत पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हैं और बढ़ते नागरिक हताहतों को लेकर बेहद चिंतित हैं।

गुटेरेस ने चेतावनी दी कि लेबनान में जारी सैन्य गतिविधियां अमेरिका और ईरान के बीच हुए सीजफायर के लिए खतरा बन सकती हैं। उन्होंने सभी पक्षों से तुरंत संघर्ष रोकने की अपील की।संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि इस पूरे विवाद का सैन्य समाधान संभव नहीं है और केवल बातचीत और कूटनीति ही इसका रास्ता है।

ट्रम्प का बयान,’ समझौते तक ईरान के आसपास रहेगी अमेरिकी सेना’

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि जब तक ईरान के साथ हुए अंतिम समझौते का पूरी तरह पालन नहीं होता, तब तक अमेरिका अपनी सेना, जहाज, विमान और हथियार ईरान के आसपास तैनात रखेगा।

उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि अगर किसी भी कारण से समझौते का पालन नहीं हुआ, तो फिर से युद्ध शुरू हो सकता है और यह पहले से कहीं ज्यादा विनाशकारी होगा।उन्होंने यह भी दोहराया कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए और होर्मुज स्ट्रेट खुला तथा सुरक्षित रहना चाहिए।

लेबनान में इजराइल के हमले में 254 लोगों की मौत
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40 दिन बाद खुली अल-अक्सा मस्जिद

यरुशलम में स्थित अल-अक्सा मस्जिद को 40 दिनों तक बंद रखने के बाद आखिरकार इजराइली प्रशासन ने पाबंदियां हटा दी हैं। गुरुवार सुबह बड़ी संख्या में लोग यहां नमाज पढ़ने पहुंचे।कई हफ्तों से लोगों की आवाजाही और नमाज पर प्रतिबंध लगा हुआ था। पाबंदियां हटते ही मस्जिद परिसर में श्रद्धालुओं की बड़ी भीड़ देखी गई।अल-अक्सा मस्जिद इस्लाम के सबसे पवित्र स्थलों में से एक है और यहां लगे प्रतिबंध को लेकर लंबे समय से तनाव बना हुआ था।

ईरान और सऊदी अरब के विदेश मंत्रियों की बातचीत

सऊदी अरब और ईरान के विदेश मंत्रियों के बीच फोन पर बातचीत हुई है। तेहरान के विदेश मंत्रालय के अनुसार ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान से क्षेत्रीय हालात और द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की।हालांकि यह नहीं बताया गया कि बातचीत कब हुई। सऊदी मीडिया के अनुसार प्रिंस फैसल को कतर, यूएई, जॉर्डन और तुर्किये के विदेश मंत्रियों के भी फोन आए।

ईरान और सऊदी अरब लंबे समय से क्षेत्रीय प्रभाव को लेकर प्रतिस्पर्धा करते रहे हैं। इसमें सुन्नी और शिया समुदायों के बीच धार्मिक मतभेद भी अहम भूमिका निभाते हैं। सऊदी अरब में सुन्नी बहुसंख्यक हैं जबकि ईरान में शिया बहुसंख्यक हैं।दोनों देशों के बीच 2023 में सात साल बाद कूटनीतिक संबंध फिर से बहाल हुए थे।

लेबनान में इजराइल के हमले में 254 लोगों की मौत
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सऊदी तेल पाइपलाइन पर हमले की सैटेलाइट तस्वीरें

अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर की घोषणा के कुछ घंटों बाद सऊदी अरब की एक महत्वपूर्ण तेल पाइपलाइन पर हमला हुआ। यूरोपियन स्पेस एजेंसी द्वारा जारी सैटेलाइट तस्वीरों में सऊदी अरामको की अबकैक प्रोसेसिंग फैसिलिटी से घना धुआं और आग की लपटें उठती दिखाई दे रही हैं।यह दुनिया का सबसे बड़ा क्रूड ऑयल स्टेबलाइजेशन प्लांट है और वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 5 प्रतिशत हिस्सा देता है।

इराक में ड्रोन हमले के आरोपी गिरफ्तार

इराक ने एरबिल में हुए ड्रोन हमले के आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस हमले में एक फ्रांसीसी सैनिक की मौत हुई थी और छह अन्य घायल हो गए थे।इराक के प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को इस बारे में जानकारी दी है।

सीजफायर के बाद ईरान में 24 घंटे में कोई नई मौत नहीं

अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर लागू होने के बाद पहले 24 घंटों में ईरान में किसी नई मौत की खबर नहीं मिली है। यह जानकारी अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी (HRANA) ने दी है।हालांकि इस दौरान करीब 20 हमलों की घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें से कई सीजफायर लागू होने से पहले या तुरंत बाद हुई थीं।रिपोर्ट के अनुसार 28 फरवरी से शुरू हुए युद्ध में अब तक ईरान में कम से कम 1701 नागरिकों की मौत हो चुकी है, जिनमें 254 बच्चे भी शामिल हैं।

ईरान के निर्वासित प्रिंस का बयान

ईरान के निर्वासित प्रिंस रजा पहलवी ने अमेरिका के “सत्ता परिवर्तन” के दावे को खारिज किया है। फ्रेंच मीडिया को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि ईरान में अभी भी वही लोग सत्ता में हैं, बस शायद कमजोर हो गए हैं।उन्होंने मौजूदा शासन को “जख्मी जानवर” बताते हुए इसे समाप्त करने की बात कही।

NATO प्रमुख मार्क रुट ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ईरान के मुद्दे पर सहयोगियों से पर्याप्त समर्थन न मिलने से निराश हैं।रुट ने बताया कि यूरोप के कई देशों ने लॉजिस्टिक्स, ओवरफ्लाइट और बेसिंग जैसी सुविधाओं के माध्यम से अमेरिका की मदद की, लेकिन वे सीधे सैन्य कार्रवाई में शामिल नहीं हुए।ट्रम्प ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि NATO उस समय उनके साथ नहीं था जब जरूरत थी।

लेबनान में इजराइल के हमले में 254 लोगों की मौत
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युद्ध में अमेरिका और ईरान को भारी नुकसान

इस युद्ध में अमेरिका को भी नुकसान हुआ है। 15 अमेरिकी सैनिक मारे गए और करीब 300 घायल हुए। कई महंगे विमान और ड्रोन भी नष्ट हुए। युद्ध के शुरुआती दिनों में अमेरिका रोजाना लगभग 15,666 करोड़ रुपये खर्च कर रहा था और कुल खर्च पांच लाख करोड़ रुपये से ज्यादा बताया जा रहा है।

दूसरी ओर ईरान को भी भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। अनुमान के अनुसार एक महीने में उसे लगभग 13 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। तेल निर्यात बंद होने से 33 हजार करोड़ रुपये का घाटा हुआ है और लगभग 4 करोड़ लोग गरीबी रेखा के नीचे जा सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि देश के पुनर्निर्माण में लगभग 10 साल लग सकते हैं।

होर्मुज स्ट्रेट में लापता थाई नाविकों की मौत की पुष्टि

होर्मुज स्ट्रेट में पिछले महीने हुए हमले में लापता तीन थाई नाविकों की मौत की पुष्टि हो गई है। 11 मार्च को ‘मयूरी नारी’ नामक थाई झंडे वाले जहाज पर हमला हुआ था, जिसमें 23 क्रू मेंबर सवार थे।ओमान की अथॉरिटीज ने 20 लोगों को बचा लिया था, जबकि तीन लोग लापता थे जिनकी अब मौत की पुष्टि हो गई है।

बेरूत में इजराइली हमले से इमारत ढही

लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी इलाके में इजराइल के हवाई हमले में एक इमारत पूरी तरह ढह गई। चियाह इलाके में हुए इस हमले के बाद भारी तबाही देखने को मिली।

वीडियो फुटेज में इमारत मलबे में बदलती नजर आई। स्थानीय लोग और राहतकर्मी टॉर्च की मदद से मलबे में फंसे लोगों को निकालने की कोशिश कर रहे हैं। कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है।

गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर लागू होने के बावजूद लेबनान को इसमें शामिल नहीं किया गया है, जिसके कारण वहां इजराइल के हमले जारी हैं।

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