J/k news: 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम के बैसरन इलाके में हुआ आतंकी हमला पूरे देश को हिला देने वाला था। इस हमले में निर्दोष पर्यटकों को उनकी पहचान के आधार पर निशाना बनाया गया, जिसने लोगों के बीच गुस्सा और दुख दोनों पैदा कर दिया। यह सिर्फ एक आतंकी घटना नहीं थी, बल्कि सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक सीधा संदेश था, दोषियों को हर हाल में पकड़ना और न्याय दिलाना।
हमले के बाद क्या हुआ?
हमले के कुछ ही घंटों के अंदर भारतीय सेना और सुरक्षाबल मौके पर पहुंच गए। उन्होंने तेजी से जांच शुरू की और घटनास्थल से जुड़े हर सुराग को जोड़ना शुरू किया। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और मौके पर मौजूद एक सेना अधिकारी की जानकारी के आधार पर यह साफ हुआ कि इस हमले में तीन पाकिस्तानी आतंकी शामिल थे।
J/k news: कौन थे हमलावर?
जांच में सामने आया कि हमले के पीछे, सुलेमान शाह, हमजा अफगानी, जिब्रान भाई का हाथ था। ये तीनों आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े हुए थे।
J/k news: कैसे शुरू हुआ ऑपरेशन?
इसके बाद सुरक्षाबलों ने एक बड़ा और सुनियोजित काउंटर-टेरर ऑपरेशन शुरू किया। सबसे पहले उन रास्तों को सील किया गया, जहां से आतंकी भाग सकते थे, ताकि वे घाटी से बाहर न निकल सकें। खुफिया एजेंसियों ने HUMINT (मानव खुफिया) और TECHINT (तकनीकी जानकारी) के जरिए लगातार इनपुट जुटाए, जिससे ऑपरेशन को मजबूत दिशा मिलती रही।
आतंकियों की मूवमेंट कैसे ट्रैक हुई?
J/k news: जांच के दौरान पता चला कि आतंकी दक्षिण कश्मीर के ऊंचे इलाकों हापटनार, बुगमार और त्राल की तरफ बढ़ रहे हैं और वहां से दाछीगाम के घने जंगलों की ओर जा सकते हैं। ये इलाका पहाड़ी और घना जंगल होने की वजह से काफी मुश्किल है। यहां छिपना आसान होता है, लेकिन मूवमेंट करना भी उतना ही कठिन होता है चाहे आतंकी हों या उन्हें ढूंढ रहे सुरक्षाबल। कुल मिलाकर, इस हमले के बाद सुरक्षाबलों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आतंकियों को पकड़ने के लिए एक बड़ा और सटीक ऑपरेशन शुरू किया, जो लंबे समय तक चला।
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