Janardan Mishra Statement: मध्य प्रदेश के रीवा से भाजपा सांसद जनार्दन मिश्रा एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। रीवा एयरपोर्ट पर एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल का विरोध करने वालों पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अगर लोग एथेनॉल का विरोध कर शुद्ध पेट्रोल की मांग कर रहे हैं तो “शुद्ध पेट्रोल तुम्हारे बाप के घर से आएगा?” जनार्दन मिश्रा रीवा से भोपाल और कोलकाता के लिए शुरू हुई नई उड़ानों के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने देश की आर्थिक स्थिति, पेट्रोल-डीजल के आयात और केंद्र सरकार की एथेनॉल नीति पर अपनी बात रखी।
Janardan Mishra Statement: ‘भारत में 20% तेल का ही उत्पादन होता है’-
भाजपा सांसद ने एथेनॉल मिश्रण का बचाव करते हुए कहा कि भारत अपनी जरूरत का करीब 20 प्रतिशत कच्चा तेल ही देश में पैदा करता है, जबकि करीब 80 प्रतिशत तेल विदेशों से आयात करना पड़ता है। उन्होंने वैश्विक तनाव और तेल आपूर्ति से जुड़ी चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में तेल की सप्लाई के लिए लंबा समुद्री रास्ता तय करना पड़ रहा है। ऐसे में पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिलाने के फैसले का विरोध करना उचित नहीं है।
Janardan Mishra Statement: ब्राजील का उदाहरण देकर एथेनॉल का किया बचाव-
जनार्दन मिश्रा ने एथेनॉल के इस्तेमाल को लेकर ब्राजील का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि ब्राजील दुनिया के प्रमुख एथेनॉल उत्पादक देशों में शामिल है और वहां एथेनॉल से वाहन चलाए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों और मैकेनिकों के अनुसार भी एथेनॉल के इस्तेमाल से वाहनों के इंजन को कोई बड़ी समस्या नहीं होती। इसके बावजूद भारत में एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल का विरोध किया जा रहा है।
‘दुनिया में सबसे ज्यादा रोजगार और सबसे कम महंगाई भारत में’-
सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार की नीतियों की तारीफ करते हुए दावा किया कि भारत में दुनिया में सबसे ज्यादा रोजगार और सबसे कम महंगाई है। उन्होंने कहा कि देश आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है और रक्षा क्षेत्र में भी भारत का निर्यात बढ़ा है। उन्होंने सरकार की विकास नीतियों का समर्थन करने की बात कही।
बघेली में भी रखा अपना पक्ष-
कार्यक्रम के दौरान जनार्दन मिश्रा ने स्थानीय बघेली बोली में भी अपनी बात रखी। उन्होंने रोजगार, महंगाई, आत्मनिर्भरता, तेल आयात और एथेनॉल जैसे मुद्दों पर सरकार की नीतियों का बचाव किया। एथेनॉल के मुद्दे पर उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से तेल आयात करके पूरा करता है, तो एथेनॉल के इस्तेमाल का विरोध क्यों किया जा रहा है। इसी दौरान उन्होंने शुद्ध पेट्रोल की मांग करने वालों पर विवादित टिप्पणी की।
बयान के बाद फिर चर्चा में आए जनार्दन मिश्रा-
जनार्दन मिश्रा का यह बयान सामने आने के बाद वह एक बार फिर सुर्खियों में हैं। एथेनॉल नीति के समर्थन में दिए गए उनके बयान का विवादित हिस्सा सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन सकता है। हालांकि, उनके पूरे बयान का मुख्य फोकस भारत की तेल आयात पर निर्भरता और एथेनॉल के इस्तेमाल के समर्थन पर रहा।
यह भी पढ़े- रांची में JPSC विवाद पर बड़ा अपडेट, 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने का सरकार का वादा – सूत्र








