Jauhar University: जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है। समाजवादी पार्टी के सांसद मौलाना मुहिबुल्लाह नदवी शनिवार को आजम खान के समर्थन में जौहर यूनिवर्सिटी पहुंचे, लेकिन उन्हें परिसर में प्रवेश नहीं मिल सका। मुख्य गेट बंद होने के कारण वह करीब 15 मिनट तक बाहर इंतजार करते रहे। आखिरकार बिना विश्वविद्यालय के अंदर गए ही उन्हें वापस लौटना पड़ा। यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब जौहर यूनिवर्सिटी की 38 इमारतों पर प्रस्तावित ध्वस्तीकरण कार्रवाई को लेकर सियासी बयानबाजी तेज है।
अखिलेश यादव का संदेश लेकर पहुंचे थे नदवी
विश्वविद्यालय के बाहर पत्रकारों से बातचीत में सांसद मुहिबुल्लाह नदवी ने कहा कि वह समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का संदेश लेकर जौहर यूनिवर्सिटी आए थे। उन्होंने कहा कि पार्टी पूरी तरह आजम खान और जौहर यूनिवर्सिटी के साथ खड़ी है। नदवी ने दावा किया कि यह विश्वविद्यालय केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि रामपुर की साझा विरासत और पहचान का प्रतीक है।
Jauhar University: गेट बंद मिलने पर जताई नाराजगी, बताई संवेदनशील स्थिति
सांसद ने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी का मुख्य मार्ग लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा आम रास्ता घोषित किया गया है, इसके बावजूद मुख्य गेट बंद रखा गया। हालांकि उन्होंने इस पर किसी तरह का विवाद खड़ा करने से बचते हुए कहा कि इसके पीछे प्रशासन या विश्वविद्यालय का कोई कारण हो सकता है। उन्होंने संभावना जताई कि छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसलिए ऐसा निर्णय लिया गया होगा और इस पूरे मामले में संयम बरतने की जरूरत है।

ध्वस्तीकरण आदेश के बीच बढ़ी सियासी हलचल
रामपुर विकास प्राधिकरण द्वारा जौहर यूनिवर्सिटी की 38 इमारतों को लेकर ध्वस्तीकरण आदेश जारी किए जाने के बाद यह मामला लगातार राजनीतिक चर्चा का केंद्र बना हुआ है। इसी बीच सांसद मुहिबुल्लाह नदवी को विश्वविद्यालय में प्रवेश नहीं मिलने की घटना ने नए सवाल खड़े कर दिए हैं। लोकसभा चुनाव के समय से आजम खान और नदवी के बीच मतभेद की चर्चाएं भी होती रही हैं, लेकिन सांसद ने इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य केवल पार्टी का समर्थन संदेश पहुंचाना था।








