Jharkhand Education Protest: झारखंड की राजधानी रांची में छात्रों का आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए आंदोलनों की तर्ज पर अब रांची के कचहरी चौक स्थित जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्र बड़ी संख्या में जुट रहे हैं। JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ जारी यह आंदोलन लगातार मजबूत होता जा रहा है। इसी बीच छात्र हितों की आवाज बुलंद करते हुए छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उनके इस कदम की तुलना लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आंदोलन से की जा रही है, जिसने पूरे आंदोलन को नई ऊर्जा दे दी है।
नौवें दिन सत्याग्रह के साथ शुरू हुआ आमरण अनशन
JPSC और JSSC रिफॉर्म्स मंच के बैनर तले चल रहे सत्याग्रह का रविवार को नौवां दिन था। आंदोलन के दौरान देवेंद्र नाथ महतो ने अपनी मांगों के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। उनका कहना है कि जब तक सरकार छात्रों की मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक उनका अनशन जारी रहेगा।
देवेंद्र नाथ महतो का कहना है कि यह लड़ाई केवल एक परीक्षा की नहीं, बल्कि झारखंड के लाखों युवाओं के भविष्य और पारदर्शी भर्ती व्यवस्था की है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि छात्रों की लगातार मांगों के बावजूद अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है, जिससे अभ्यर्थियों में निराशा और गुस्सा लगातार बढ़ रहा है।
Jharkhand Education Protest: परीक्षाओं में अनियमितता को लेकर छात्रों का प्रदर्शन तेज
रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं जुटकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि JPSC और JSSC की कई परीक्षाओं में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। छात्रों का कहना है कि जिन परीक्षाओं पर गड़बड़ी के आरोप लगे हैं, उन्हें तत्काल रद्द किया जाए और पूरी चयन प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराई जाए।आंदोलन के दौरान छात्रों ने पेपर लीक के मामलों, परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और विवादित परीक्षा एजेंसी की भूमिका की जांच की मांग को प्रमुखता से उठाया। उनका आरोप है कि इन मामलों में निष्पक्ष कार्रवाई के बिना योग्य अभ्यर्थियों को न्याय नहीं मिल सकेगा।
Jharkhand Education Protest: TDPL और अभय तिवारी की भूमिका की जांच की मांग
प्रदर्शनकारी छात्रों ने सरकार से मांग की है कि TDPL कंपनी और अभय तिवारी से जुड़े सभी परीक्षा मामलों की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से निष्पक्ष जांच कराई जाए। उनका कहना है कि यदि जांच स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाती है तो पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई संभव होगी।इसके साथ ही छात्रों ने विवादित 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने और नई पारदर्शी प्रक्रिया के तहत परीक्षा आयोजित कराने की मांग दोहराई है।
मशाल जुलूस निकालकर छात्रों ने दिखाई एकजुटता
आंदोलन के दौरान रविवार शाम छात्रों ने मशाल जुलूस भी निकाला। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से शुरू हुआ यह जुलूस अल्बर्ट एक्का चौक तक पहुंचा, जहां छात्रों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कई छात्र अपने शरीर पर बैनर और पोस्टर चिपकाकर विरोध प्रदर्शन करते नजर आए। आंदोलनकारियों का कहना है कि यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी मांगों पर सरकार सकारात्मक फैसला नहीं लेती।
Jharkhand Education Protest: सरकार की चुप्पी से बढ़ रहा छात्रों का आक्रोश
देवेंद्र नाथ महतो का कहना है कि 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम जारी हुए एक महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन सरकार ने अब तक कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लिया है। उनका आरोप है कि सरकार की निष्क्रियता से अभ्यर्थियों का भरोसा कमजोर हो रहा है और छात्रों में असंतोष लगातार बढ़ रहा है।रांची में तेज होता यह छात्र आंदोलन अब राज्य सरकार के लिए बड़ी चुनौती बनता नजर आ रहा है। आमरण अनशन और लगातार बढ़ती छात्र भागीदारी ने इस आंदोलन को नया आयाम दे दिया है। अब सभी की नजर सरकार के अगले कदम पर टिकी है कि वह छात्रों की मांगों पर क्या फैसला लेती है।
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