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‘कार्बन उत्सर्जन के लिए विकासशील देशों को जिम्मेदार ठहराना गलत’, PM मोदी का किस ओर है निशाना?

PM Modi Carbon Emissions:

PM Modi Carbon Emissions: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जलवायु परिवर्तन और कार्बन उत्सर्जन को लेकर वैश्विक बहस में विकसित और विकासशील देशों की जिम्मेदारियों का मुद्दा उठाया है। शनिवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में ‘द फ्यूचर ऑफ एनवायरनमेंट एंड क्लाइमेट डायनेमिक्स’ विषय पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि कार्बन उत्सर्जन की जिम्मेदारी अक्सर विकासशील देशों पर अनुचित तरीके से डाल दी जाती है। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक स्थिति को देखें तो भारत का प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन अब भी वैश्विक औसत के आधे से कम है।

PM Modi Carbon Emissions: विकसित देशों का उत्सर्जन भारत से 6 गुना अधिक-

पीएम मोदी ने कहा कि विकसित देशों का प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन भारत के मुकाबले करीब छह गुना अधिक है। उन्होंने कहा कि भारत इस अंतर को वैश्विक मंचों पर लगातार सामने रखता रहा है। पीएम मोदी के बयान का मुख्य जोर जलवायु परिवर्तन की जिम्मेदारी तय करते समय देशों की प्रति व्यक्ति स्थिति और ऐतिहासिक योगदान को ध्यान में रखने पर था। उन्होंने कहा कि विकासशील देशों को केवल उनके मौजूदा उत्सर्जन के आधार पर जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। उन्होंने ग्लोबल साउथ के देशों का जिक्र करते हुए कहा कि भारत पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ विकास की अपनी जरूरतों को भी आगे बढ़ा रहा है।

PM Modi Carbon Emissions: किसकी ओर था पीएम मोदी का निशाना-

नेपाल में आई भीषण बाढ़ को लेकर कार्बन उत्सर्जन और जलवायु परिवर्तन का मुद्दा चर्चा में रहा है। रिपोर्टों में नेपाल की ओर से भारत समेत अन्य देशों से मदद और मुआवजे की मांग किए जाने की बात सामने आई थी। हालांकि, बाद में नेपाल के विदेश मंत्रालय ने ऐसे किसी बयान को खारिज कर दिया था। इसके बाद से ही कार्बन उत्सर्जन और जलवायु परिवर्तन को लेकर यह मुद्दा वैश्विक चर्चा में रहा है। ऐसे में पीएम मोदी के ताजा बयान को नेपाल से जुड़े इस विवाद के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। हालांकि, पीएम मोदी ने अपने संबोधन में किसी देश का सीधे तौर पर नाम नहीं लिया।

12 वर्षों में पर्यावरण के क्षेत्र में प्रगति का दावा-

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में पिछले 12 वर्षों के दौरान भारत की पर्यावरण क्षेत्र में हुई प्रगति का भी उल्लेख किया। उन्होंने नवीकरणीय ऊर्जा को भारत की रणनीति का प्रमुख हिस्सा बताया। पीएम मोदी के मुताबिक, करीब 12 वर्ष पहले भारत की सौर ऊर्जा क्षमता लगभग 2 गीगावाट थी, जो अब बढ़कर 160 गीगावाट से अधिक हो चुकी है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के साथ देश की विकास संबंधी जरूरतों को आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया

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