Jorhat Plane Crash: अलीगढ़ के टप्पल क्षेत्र स्थित सालपुर गांव के रहने वाले भारतीय वायु सेना के सार्जेंट जितेंद्र शर्मा लगभग 15 दिन पहले छुट्टी लेकर अपने घर आए थे। परिवार के लोगों के मुताबिक, वह अपनी शादी को लेकर घरवालों से बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान वह कुछ रिश्ते भी देखने गए थे। परिवार और गांव के लोगों को बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि यह उनकी अपने गांव की आखिरी यात्रा साबित होगी।
लैंडिंग के दौरान हुआ बड़ा हादसा
शनिवार सुबह करीब 10 बजे असम के जोरहाट स्थित रौरिया इंडियन एयरबेस पर वायुसेना का एक विमान लैंडिंग के समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस दर्दनाक हादसे में विमान के पायलट सहित पांच जवानों ने अपनी जान गंवा दी।शहीद होने वाले जवानों में सार्जेंट जितेंद्र शर्मा के अलावा स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह, फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार, अग्निवीर वायु खेमाराम कुमावत और अग्निवीर वायु दानिश आलम भी शामिल हैं।

Jorhat Plane Crash: मां पर टूटा दुखों का पहाड़
जितेंद्र शर्मा के पिता का पहले ही निधन हो चुका था। घर में उनकी मां अकेली रहती हैं। परिवार की कई जिम्मेदारियां भी जितेंद्र ही संभाल रहे थे। शनिवार दोपहर जब सेना के अधिकारियों ने उनके शहीद होने की सूचना परिवार को दी, तो घर में मातम छा गया।अपने बेटे की शहादत की खबर सुनकर मां का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। वहीं पूरे गांव में भी शोक की लहर फैल गई और हर कोई इस दुखद समाचार से स्तब्ध रह गया।
घटना की जानकारी मिलते ही उनके बड़े भाई रमाकांत भारद्वाज गाजियाबाद के लिए रवाना हो गए। वहां वह सेना के अधिकारियों से संपर्क कर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर रहे हैं।
गांव में शोक, लोगों की उमड़ी भीड़
ग्रामीणों का कहना है कि जितेंद्र शर्मा बेहद सरल, मिलनसार और अच्छे स्वभाव के व्यक्ति थे। उनकी शहादत की खबर से पूरे इलाके में गहरा दुख है। गांव के लोग लगातार उनके घर पहुंच रहे हैं और परिजनों को ढांढस बंधाने का प्रयास कर रहे हैं।जितेंद्र शर्मा की शहादत ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे गांव और क्षेत्र को गमगीन कर दिया है। देश की सेवा करते हुए उनके सर्वोच्च बलिदान को हमेशा याद रखा जाएगा।
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