Jyestha Tritiya Panchang: सनातन धर्म में पंचांग का विशेष महत्व माना गया है। दिन की शुरुआत से लेकर हर छोटे-बड़े कार्य में इसके पांच अंगों तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण का ध्यान रखा जाता है। इसी आधार पर शुभ-अशुभ समय का निर्धारण किया जाता है। ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि 4 मई (सोमवार) को पड़ रही है।
इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग और अभिजित मुहूर्त का बहुत ही शुभ संयोग बन रहा है। पंचांग के अनुसार इस दिन सूर्योदय सुबह 5 बजकर 38 मिनट पर होगा और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 58 मिनट पर होगा। चंद्रोदय रात 9 बजकर 42 मिनट पर तथा चन्द्रास्त अगले दिन सुबह 6 बजकर 52 मिनट पर होगा।

तिथि, नक्षत्र, योग और करण का विवरण
तृतीया तिथि 5 मई की सुबह 5 बजकर 24 मिनट तक रहेगी। इसके बाद नक्षत्र अनुराधा सुबह 9 बजकर 58 मिनट तक प्रभावी रहेगा, फिर ज्येष्ठा नक्षत्र शुरू होगा। योग परिघ रात 11 बजकर 20 मिनट तक रहेगा। करण वणिज दोपहर 4 बजकर 12 मिनट तक रहेगा।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सर्वार्थ सिद्धि योग में किए गए कार्यों में सफलता मिलने की संभावना अधिक रहती है। वहीं अभिजित मुहूर्त में पूजा-पाठ या कोई नया कार्य शुरू करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके विपरीत राहुकाल, भद्रा और दुर्मुहूर्त जैसे समय में यात्रा या महत्वपूर्ण कार्य करने से बचने की सलाह दी जाती है।
सोमवार के शुभ मुहूर्त
सोमवार को ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 13 मिनट से 4 बजकर 55 मिनट तक रहेगा। अभिजित मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 51 मिनट से 12 बजकर 45 मिनट तक शुभ कार्यों के लिए उत्तम रहेगा। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 31 मिनट से 3 बजकर 25 मिनट तक रहेगा। गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 57 मिनट से 7 बजकर 18 मिनट तक रहेगा। इसके अलावा सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 5 बजकर 38 मिनट से 9 बजकर 58 मिनट तक प्रभावी रहेगा। निशिता मुहूर्त रात 11 बजकर 56 मिनट से लेकर 5 मई की दोपहर 12 बजकर 39 मिनट तक रहेगा।

Jyestha Tritiya Panchang: अशुभ समय की जानकारी
राहुकाल सुबह 7 बजकर 18 मिनट से 8 बजकर 58 मिनट तक रहेगा। यमगण्ड दोपहर 10 बजकर 38 मिनट से 12 बजकर 18 मिनट तक रहेगा। गुलिक काल दोपहर 1 बजकर 58 मिनट से 3 बजकर 38 मिनट तक रहेगा। दुर्मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 48 मिनट से 1 बजकर 38 मिनट तक रहेगा। वर्ज्य समय दोपहर 4 बजकर 15 मिनट से 6 बजकर 3 मिनट तक तथा दोपहर 3 बजकर 25 मिनट से 4 बजकर 18 मिनट तक रहेगा।
भद्रा की छाया शाम 4 बजकर 12 मिनट से लेकर 5 मई की सुबह 5 बजकर 24 मिनट तक रहेगी। वहीं गण्ड मूल सुबह 9 बजकर 58 मिनट से 5 मई की सुबह 5 बजकर 37 मिनट तक प्रभावी रहेगा। बाण योग में मृत्यु बाण रात 10 बजकर 16 मिनट तक रहेगा और इसके बाद अग्नि बाण रात 10 बजकर 16 मिनट से पूरी रात प्रभावी रहेगा। विंछुड़ो योग पूरे दिन प्रभाव में रहेगा।
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