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देवरिया से हटाई गई लेडी सिंघम IAS दिव्या मित्तल, लंदन की नौकरी छोड़ बनी थी अफसर

IAS दिव्या मित्तल

UP IAS Transfer News: उत्तर प्रदेश में हुए बड़े प्रशासनिक फेरबदल ने एक बार फिर सियासी और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। इस फेरबदल के तहत देवरिया की चर्चित जिलाधिकारी दिव्या मित्तल को उनके पद से हटा दिया गया है। 2013 बैच की IAS अधिकारी मित्तल को अब विशेष सचिव, राजस्व परिषद की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, मधुसूदन हुगली को देवरिया का नया जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है। यह तबादला राज्य के 38 IAS अधिकारियों की सूची का हिस्सा है, जो सामने आते ही सोशल मीडिया पर चर्चा का बड़ा विषय बन गया।

लंदन की नौकरी छोड़ बनीं IAS

दिव्या मित्तल उन अफसरों में गिनी जाती हैं, जिन्होंने निजी क्षेत्र की आकर्षक नौकरी छोड़कर प्रशासनिक सेवा का रास्ता चुना। लंदन में लाखों के पैकेज वाली नौकरी छोड़कर उन्होंने देश सेवा का निर्णय लिया था। अपने अब तक के करियर में उन्होंने जहां भी जिम्मेदारी संभाली, वहां सख्त प्रशासन और पारदर्शिता को प्राथमिकता दी। देवरिया में उनका कार्यकाल खासतौर पर भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख और जनहित से जुड़े मुद्दों पर त्वरित कार्रवाई के लिए याद किया जाएगा। ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत उन्होंने कई ऐसे फैसले लिए, जिनसे प्रशासनिक सिस्टम में हलचल देखने को मिली।

UP IAS Transfer News: बयान काफी सुर्खियों में रहा

जुलाई 2025 में हुई ‘दिशा’ बैठक के दौरान उनका एक बयान काफी सुर्खियों में रहा था। उन्होंने साफ शब्दों में कहा था कि कोई भी जनप्रतिनिधि ट्रांसफर-पोस्टिंग के लिए अधिकारियों पर दबाव नहीं बना सकता। इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और इसे उनके बेबाक अंदाज का उदाहरण माना गया।

देवरिया में दिव्या मित्तल ने अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान चलाया। उन्होंने साफ चेतावनी दी थी कि लापरवाही बरतने वाले लेखपाल और कानूनगो के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी, यहां तक कि जेल भेजने से भी पीछे नहीं हटेंगी। सार्वजनिक मंचों पर उन्होंने अपने मातहत अधिकारियों को यह भी नसीहत दी कि वे जनता के साथ सम्मानजनक व्यवहार करें। उनके ऐसे कई वीडियो सामने आए, जिनमें वह अधिकारियों को सीधे-सीधे फटकार लगाती दिखीं—और यही वजह रही कि आम जनता के बीच उनकी छवि एक सख्त लेकिन न्यायप्रिय अफसर की बनी।

सख्त छवि बनी ताकत

हालांकि, उनकी यही बेबाक और सख्त कार्यशैली कई बार विवादों का कारण भी बनी। देवरिया में उनके कार्यकाल के दौरान जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच खींचतान की खबरें लगातार सुर्खियों में रहीं। सूत्रों के अनुसार, उनकी कार्यशैली स्थानीय सियासी समीकरणों के साथ पूरी तरह तालमेल नहीं बैठा पाई, जिसे उनके तबादले की एक वजह के तौर पर भी देखा जा रहा है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर इसे सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया ही बताया जा रहा है। आपको बता दें कि दिव्या मित्तल का तबादलों और चर्चाओं से पुराना नाता रहा है। इससे पहले मिर्जापुर में जल जीवन मिशन के तहत उनके काम की सराहना हुई थी, लेकिन प्रोटोकॉल से जुड़े विवाद के चलते उन्हें वहां से भी हटा दिया गया था। हर बार की तरह इस बार भी उनका ट्रांसफर सवालों और चर्चाओं के साथ जुड़ा हुआ है।

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