Home » राष्ट्रीय » राम जानकी मंदिर के जीर्णोद्धार को मिली मंजूरी, 20 लाख रुपये होंगे खर्च

राम जानकी मंदिर के जीर्णोद्धार को मिली मंजूरी, 20 लाख रुपये होंगे खर्च

Jyotiraditya Scindia
New Delhi: Union Minister of Communications and Development of North Eastern Region (DoNER) Jyotiraditya M. Scindia addresses the Annual Business Meet 2026–27, in New Delhi on Monday, April 20, 2026. (Photo: IANS/PIB)

Jyotiraditya Scindia: गुना संसदीय क्षेत्र के ग्राम पाटई स्थित ऐतिहासिक राम जानकी मंदिर के जीर्णोद्धार का मार्ग अब प्रशस्त हो गया है। मंदिर के पुनर्निर्माण और विकास कार्यों के लिए 20 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। लंबे समय से ग्रामीण और श्रद्धालु मंदिर की खराब स्थिति को देखते हुए इसके जीर्णोद्धार की मांग कर रहे थे। राशि स्वीकृत होने के बाद क्षेत्र में खुशी का माहौल है और लोगों ने इस फैसले का स्वागत किया है।

लंबे समय से उठ रही थी मंदिर सुधार की मांग

ग्राम पाटई का राम जानकी मंदिर क्षेत्र की आस्था और धार्मिक परंपराओं का प्रमुख केंद्र माना जाता है। हालांकि समय के साथ मंदिर की स्थिति जर्जर हो गई थी, जिससे श्रद्धालुओं को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। स्थानीय ग्रामीण लगातार मंदिर के संरक्षण और विकास की मांग कर रहे थे। अब मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए स्वीकृत राशि से इसके स्वरूप को बेहतर बनाने का कार्य किया जाएगा।

Jyotiraditya Scindia: चुनाव के दौरान किया गया था आश्वासन

लोकसभा चुनाव के दौरान केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की धर्मपत्नी प्रियदर्शिनी राजे सिंधिया ने 25 अप्रैल 2024 को ग्राम पाटई के दौरे के दौरान मंदिर के जीर्णोद्धार का आश्वासन दिया था। अब उस आश्वासन को अमल में लाते हुए मंदिर के विकास कार्यों के लिए राशि मंजूर की गई है। क्षेत्र के लोगों का मानना है कि इससे धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को नया प्रोत्साहन मिलेगा।

ग्रामीणों ने जताया आभार

मंदिर के जीर्णोद्धार की स्वीकृति मिलने के बाद ग्राम पाटई और आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं ने खुशी व्यक्त की है। ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर का विकास क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रति आभार जताते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनके मार्गदर्शन में क्षेत्र में विकास और जनआस्था से जुड़े कार्य आगे भी लगातार जारी रहेंगे। स्थानीय लोगों का मानना है कि मंदिर के बेहतर स्वरूप से धार्मिक पर्यटन और सामाजिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

ये भी पढ़ें… अलवर में कथित धर्मांतरण को लेकर हंगामा, पादरी हिरासत में