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करवा चौथ पर कब शुरू और कब खत्म होगी भद्रा? जानें पूजा का शुभ मुहूर्त

Karwa Chauth 2026:

Karwa Chauth 2026: करवा चौथ हिंदू धर्म के प्रमुख व्रतों में से एक है। इस दिन विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करते हुए निर्जला व्रत रखती हैं। करवा चौथ पर सुबह सरगी खाने से लेकर शाम को भगवान गणेश, माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा करने तक कई परंपराओं का पालन किया जाता है। ऐसे में व्रत से पहले भद्रा काल को लेकर भी लोगों के मन में कई सवाल उठते हैं। इस बार भद्रा की शुरुआत 28 अक्टूबर की सुबह से हो रही है और इसका समापन 29 अक्टूबर की सुबह होगा। ऐसे में आइए जानते हैं कि करवा चौथ पर भद्रा का क्या प्रभाव पड़ेगा, सरगी खाने का समय क्या रहेगा और पूजा का शुभ मुहूर्त कब है।

Karwa Chauth 2026: करवा चौथ 2026 पर भद्रा कब शुरू होगी और कब समाप्त होगी?

पंचांग के अनुसार, भद्रा काल 28 अक्टूबर 2026 को सुबह 5 बजकर 31 मिनट पर शुरू होगा। इसका समापन 29 अक्टूबर 2026 को सुबह 4 बजकर 27 मिनट पर होगा। यानी करवा चौथ के दिन सूर्योदय से पहले ही भद्रा समाप्त हो जाएगी। हिंदू पंचांग में भद्रा को एक विशेष काल माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान कुछ शुभ और मांगलिक कार्य करने से बचने की सलाह दी जाती है। ऐसे में करवा चौथ का व्रत रखने वाली महिलाएं भद्रा के समय को लेकर जानकारी प्राप्त कर सकती हैं।

Karwa Chauth 2026: क्या भद्रा का करवा चौथ की पूजा पर पड़ेगा प्रभाव?

पंचांग में दिए गए समय के अनुसार, भद्रा 29 अक्टूबर की सुबह 4 बजकर 27 मिनट पर समाप्त हो जाएगी, जबकि करवा चौथ की मुख्य पूजा शाम के समय की जाएगी। पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5 बजकर 38 मिनट से 6 बजकर 56 मिनट तक बताया गया है। इस हिसाब से शाम की पूजा भद्रा समाप्त होने के कई घंटे बाद होगी। इसलिए दिए गए समय के अनुसार, भद्रा के कारण करवा चौथ की शाम की पूजा में कोई विशेष बाधा नहीं होगी। व्रती महिलाएं शुभ मुहूर्त में भगवान गणेश, भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना कर सकती हैं।

क्या भद्रा की वजह से सरगी खाने में होगी परेशानी?

करवा चौथ के दिन सरगी का विशेष महत्व होता है। परंपरा के अनुसार, महिलाएं सूर्योदय से पहले सरगी खाती हैं और इसके बाद निर्जला व्रत शुरू करती हैं। सरगी में आमतौर पर फल, मिठाई, सूखे मेवे और अन्य खाद्य पदार्थ शामिल किए जाते हैं। इस बार भद्रा 29 अक्टूबर की सुबह 4 बजकर 27 मिनट पर समाप्त हो जाएगी। ऐसे में सरगी के समय को लेकर भद्रा की वजह से अलग से किसी बाधा की स्थिति नहीं बनती। हालांकि, सरगी खाने का समय स्थानीय सूर्योदय और पारिवारिक परंपराओं के अनुसार तय किया जा सकता है।

करवा चौथ 2026 की पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है?

करवा चौथ के दिन शाम की पूजा का विशेष महत्व होता है। इस दिन महिलाएं स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करती हैं और पूजा स्थल को सजाती हैं। इसके बाद करवा चौथ की कथा सुनकर भगवान गणेश, भगवान शिव, माता पार्वती और करवा माता की पूजा करती हैं।पंचांग के अनुसार, इस वर्ष करवा चौथ की संध्या पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5 बजकर 38 मिनट से 6 बजकर 56 मिनट तक बताया गया है। इस अवधि में महिलाएं पूजा की तैयारियां पूरी करके विधि-विधान से आराधना कर सकती हैं और अपने पति की लंबी उम्र व सुखी वैवाहिक जीवन की कामना कर सकती हैं।

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