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केरल में सियासी उलटफेर: स्थानीय निकाय चुनावों में UDF की जबरदस्त वापसी, क्या LDF की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं?

केरल निकाय चुनाव: UDF ने कोच्चि कॉर्पोरेशन जीता

Kerala Elections: केरल में हाल ही में स्थानीय निकाय चुनाव हुए, जिनके नतीजे सामने आने के बाद राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। बता दें कि कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने इन चुनावों में शानदार प्रदर्शन करते हुए बड़ी जीत दर्ज की है। इस नतीजे को 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले सत्तारूढ़ लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) के खिलाफ जनता की नाराजगी के रूप में देखा जा रहा है। नगर निगमों, नगरपालिकाओं, ब्लॉक और ग्राम पंचायतों तक UDF ने बढ़त बनाई है, जिससे गठबंधन में नया जोश देखने को मिल रहा है।

LDF को बड़ा झटका, 2026 से पहले बदला सियासी माहौल

इसके साथ ही CPM का करीब 40 साल पुराना नगर निगम शासन समाप्त करते हुए बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए ने जीत हासिल की है। इस जीत के साथ ही केरल को पहली बार बीजेपी का मेयर मिलने की संभावना बन गई है, जिसमें रिटायर्ड डीजीपी आर श्रीलेखा का नाम सामने आ रहा है।

इस बार सामने आए चुनावी नतीजे LDF के लिए बड़ा झटका साबित हुए हैं। इस गठबंधन ने 5 में से 4 नगर निगमों पर अपना नियंत्रण खो दिया है। तिरुवनंतपुरम में LDF लगभग 45 साल से और कोल्लम में 25 साल से सत्ता में था, लेकिन इस बार उसे हार का सामना करना पड़ा है। CPM के राज्य सचिव एमवी गोविंदन ने भी इसे बड़ा झटका बताया, हालांकि उन्होंने सुधार के साथ वापसी का भरोसा भी दिलाया है।

Kerala Elections: तिरुवनंतपुरम और कोल्लम में LDF की सत्ता खत्म

UDF ने अपने चुनाव प्रचार के दौरान सबरीमाला में हुई सोने की चोरी का मामला और सरकार की नाकामियों जैसे मुद्दों को उठाया था, जिसका असर शहरों और गांवों दोनों में देखने को मिला। मतदाताओं ने गठबंधन का समर्थन किया। UDF ने 87 में से 54 नगरपालिकाओं, 6 में से 4 नगर निगमों और पंचायत स्तर पर भी मजबूत पकड़ बनाई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने इस जीत को जनता की सोच और जनहित की राजनीति की जीत बताया। वहीं सांसद केसी वेणुगोपाल ने इसे LDF सरकार के खिलाफ जनता का फैसला करार दिया।

पंचायत से नगर निगम तक किसे कितनी सीटें मिलीं

500 ग्राम पंचायतों में UDF ने जीत दर्ज की है, जबकि 341 पंचायतों में LDF ने जीत हासिल की है। जिला पंचायतों में UDF ने 7 और LDF ने 6 सीटें जीती हैं। शहरी इलाकों की बात करें तो UDF को 54 नगरपालिकाओं और 4 नगर निगमों में जीत मिली है। वहीं LDF 1 नगर निगम और 28 नगरपालिकाओं में विजयी रहा। एनडीए ने तिरुवनंतपुरम नगर निगम में लगभग 50 सीटों पर जीत दर्ज की है।

राज्य चुनाव आयोग से मिली जानकारी के अनुसार आम आदमी पार्टी ने तीन सीटों पर जीत हासिल की है। इन नतीजों के बाद तिरुवनंतपुरम में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। अब सभी की निगाहें इस पर टिकी हैं कि राज्य की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ेगी।

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