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लद्दाख में बैठेगी जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट की बेंच, न्याय के लिए नहीं जाना पड़ेगा जम्मू-कश्मीर

Ladakh News

Ladakh News: लद्दाख के लोगों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब न्याय से जुड़े मामलों के लिए लद्दाख के नागरिकों को जम्मू-कश्मीर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने लद्दाख में जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय की एक बेंच स्थापित करने का निर्णय लिया है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि इस फैसले से लद्दाख के दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए न्याय तक पहुंच आसान होगी और कानूनी सेवाओं के लिए लगने वाला समय भी कम होगा। सरकार ने इसे लद्दाख के सर्वांगीण विकास और संवैधानिक सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।

अमित शाह ने दी फैसले की जानकारी

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने लद्दाख में जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय की बेंच स्थापित करने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि सरकार लद्दाख के विकास और वहां के नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। नई बेंच स्थापित होने के बाद लद्दाख के लोगों को उच्च न्यायालय से संबंधित मामलों के लिए लंबी दूरी तय करके जम्मू या श्रीनगर जाने की परेशानी से राहत मिलने की उम्मीद है।

Ladakh News: अलग केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद भी था संयुक्त हाईकोर्ट

5 अगस्त 2019 के बाद जम्मू-कश्मीर और लद्दाख अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश बने थे। इसके बावजूद दोनों केंद्र शासित प्रदेशों के लिए जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय संयुक्त रूप से काम करता है। अदालत की कार्यवाही जम्मू और श्रीनगर में मौसम के अनुसार होती है। ऐसे में लद्दाख के लोगों को उच्च न्यायालय से जुड़े मामलों के लिए इन स्थानों तक पहुंचना पड़ता था। भौगोलिक परिस्थितियों और लंबी दूरी के कारण लोगों को काफी समय और पैसा खर्च करना पड़ता था।

बर्फबारी में बढ़ जाती थी लोगों की परेशानी

लद्दाख की भौगोलिक स्थिति और कठिन मौसम के कारण सर्दियों में न्यायिक मामलों के लिए यात्रा करना और भी मुश्किल हो जाता है। भारी बर्फबारी के कारण कई बार सड़क मार्ग बंद हो जाते हैं और लोगों का समय पर अदालत पहुंचना मुश्किल हो जाता है। इससे मुकदमों की सुनवाई में भी परेशानी होती थी। लद्दाख में हाईकोर्ट की बेंच स्थापित होने से लोगों को इन मौसमी और भौगोलिक समस्याओं से काफी राहत मिलने की उम्मीद है।

Ladakh News: समय और पैसे दोनों की होगी बचत

लद्दाख में हाईकोर्ट की बेंच होने से स्थानीय लोगों को न्याय के लिए लंबी दूरी तय करने की जरूरत कम होगी। इससे यात्रा में लगने वाला समय और खर्च दोनों बचेंगे। दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों के लिए कानूनी सेवाओं तक पहुंच आसान होगी। केंद्र सरकार के इस फैसले को लद्दाख में न्यायिक सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ आम नागरिकों के लिए न्याय तक पहुंच को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब इस बेंच की स्थापना के बाद उसकी कार्यप्रणाली और सुनवाई से जुड़ी व्यवस्थाओं पर आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।

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