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लखीमपुर में थमी शहर की रफ्तार, संकटा देवी मार्ग पर भयंकर जाम, सरकारी लाम-लश्कर भी आधे घंटे से मलबे की तरह फंसा

Lakhimpur Kheri
Lakhimpur Kheri

Lakhimpur Kheri: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में यातायात व्यवस्था की बदहाली का एक ऐसा मंजर आज देखने को मिला, जिसने जिला प्रशासन के ट्रैफिक प्रबंधन के दावों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। शहर के हृदय स्थल कहे जाने वाले संकटा देवी चौराहे से लेकर मेला मैदान रोड तक आज दोपहर एक ऐसा ‘अघोषित लॉकडाउन’ देखने को मिला, जिसने राहगीरों के पसीने छुड़ा दिए। हैरानी की बात यह रही कि सड़कों पर न तो कोई बारात थी, न बैंड-बाजा, न आतिशबाजी और न ही किसी मैरिज लॉन का शोर, इसके बावजूद शहर की मुख्य धमनी मानी जाने वाली यह सड़क पिछले आधे घंटे से ‘पार्किंग लॉट’ में तब्दील नजर आई।

अधिकारियों का ‘हाकिम’ भी जाम में लाचार

शहर की ट्रैफिक व्यवस्था इस कदर चरमराई कि आम जनता तो दूर, जिले के रसूखदार अधिकारियों के वाहन भी इस जाम के चक्रव्यूह में फंस गए। नीली-लाल बत्ती और हूटर वाली गाड़ियां जो अमूमन मिनटों में रास्ता साफ करवा लेती हैं, आज आम जनता के बीच बेबस खड़ी नजर आईं। करीब आधे घंटे से अधिक समय तक अधिकारियों का काफिला जाम में फंसा रहा, लेकिन स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर ट्रैफिक पुलिस के पर्याप्त इंतजाम नजर नहीं आए। आमतौर पर शादियों के सीजन में बारात या बैंड-बाजे की वजह से सड़कों पर जाम की स्थिति बनती है, लेकिन आज की स्थिति बिल्कुल विपरीत थी। संकटा देवी चौराहा, जो शहर का सबसे व्यस्ततम बिंदु है, वहां से मेला मैदान की ओर जाने वाली सड़क पूरी तरह से वाहनों से अटी पड़ी थी। ई-रिक्शा, चौपहिया वाहन और दोपहिया वाहनों की लंबी कतारें दूर-दूर तक दिखाई दे रही थीं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब बिना किसी बड़े आयोजन के शहर का यह हाल है, तो त्यौहारों या बड़े कार्यक्रमों के दौरान स्थिति क्या होगी, इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।

Lakhimpur Kheri: आम जनता की बढ़ी मुश्किलें

इस भयंकर जाम के कारण सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों, एम्बुलेंस और दफ्तर जाने वाले लोगों को हुई। उमस और गर्मी के बीच घंटों जाम में फंसे रहने के कारण लोग परेशान नजर आए। मेला मैदान रोड पर स्थित विभिन्न व्यापारिक प्रतिष्ठानों के सामने भी वाहनों की कतार लगने से कारोबार भी प्रभावित हुआ। राहगीरों का आरोप है कि शहर के मुख्य चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस की तैनाती केवल औपचारिकता बनकर रह गई है, जिसके कारण आए दिन इस तरह की स्थितियां पैदा होती हैं। स्थानीय बुद्धिजीवियों का मानना है कि संकटा देवी चौराहे से मेला मैदान रोड तक जाम लगने का मुख्य कारण सड़कों पर बढ़ता अतिक्रमण और ई-रिक्शा का अनियंत्रित संचालन है। सड़कों के दोनों ओर खड़े वाहनों और अवैध रूप से लगाई गई दुकानों के कारण सड़क की चौड़ाई कम हो गई है। जब कोई बड़ा वाहन या किसी अधिकारी का काफिला यहाँ से गुजरता है, तो जाम की स्थिति भयावह हो जाती है। आज का जाम इसी अव्यवस्था का परिणाम बताया जा रहा है।

प्रशासन पर उठते सवाल?

आधे घंटे से अधिक समय तक अधिकारियों के वाहनों का जाम में फंसे रहना जिले की सुरक्षा और व्यवस्था पर भी सवाल खड़ा करता है। यदि इस दौरान कोई आपातकालीन स्थिति पैदा हो जाती या किसी मरीज को अस्पताल ले जाना होता, तो जिम्मेदारी किसकी होती? नागरिकों ने मांग की है कि संकटा देवी चौराहे से लेकर मेला मैदान तक की यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं और पीक आवर्स में ट्रैफिक पुलिस की सक्रियता बढ़ाई जाए। लखीमपुर खीरी की यह तस्वीर आज सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बनी रही, जहाँ लोग बिना किसी कारण के लगे इस ‘भयंकर जाम’ पर अपनी प्रतिक्रिया देते नजर आए। फिलहाल, जाम की स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है, लेकिन शहरवासियों के जेहन में यह सवाल अब भी बरकरार है कि आखिर बिना किसी वजह के उनकी रफ्तार पर ब्रेक क्यों लगा?

Report By: संजय कुमार राठौर

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