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महाराष्ट्र का सरकारी कर्ज बढ़कर 9.32 लाख करोड़ रुपए होने का अनुमान

Maharashtra
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Maharashtra: महाराष्ट्र के प्री-बजट इकोनॉमिक सर्वे के अनुसार, राज्य का पब्लिक डेब्ट 2025-26 तक बढ़कर 9.32 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचने की संभावना है। हालांकि, राज्य ने 7.9 प्रतिशत की मजबूत इकोनॉमिक ग्रोथ का अनुमान भी व्यक्त किया है, जो राष्ट्रीय अनुमान से कहीं अधिक है।

कर्ज में बढ़ोतरी के बावजूद फिस्कल डिसिप्लिन

आर्थिक सर्वे के मुताबिक, महाराष्ट्र का सरकारी कर्ज 2024-25 में 8.39 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 9.32 लाख करोड़ रुपए होने का अनुमान है, जो 18.3 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। हालांकि, सर्वे में फिस्कल डिसिप्लिन बनाए रखने पर जोर दिया गया है, जिसमें जीएसडीपी का 2.7 प्रतिशत राजकोषीय घाटा और 0.9 प्रतिशत रेवेन्यू डेफिसिट का अनुमान है, जो एफआरबीएम रूल्स के तहत तय सीमा से बहुत कम है।

Maharashtra: राज्य की अर्थव्यवस्था का मजबूत प्रदर्शन

नॉमिनल जीएसडीपी 51 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचने का अनुमान है, जो 10.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी को दिखाता है। सर्विसेज क्षेत्र में 9 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है, जबकि कृषि क्षेत्र में 3.4 प्रतिशत की मामूली वृद्धि का अनुमान है। महाराष्ट्र का नॉमिनल जीएसडीपी 2024-25 में 14 प्रतिशत के साथ राष्ट्रीय जीडीपी का सबसे बड़ा हिस्सा बनेगा।

कैपिटल खर्च और कृषि क्षेत्र की स्थिति

राज्य ने 1.51 लाख करोड़ रुपए का कैपिटल खर्च निर्धारित किया है, जिसमें से 93,000 करोड़ रुपए विकासात्मक परियोजनाओं के लिए आवंटित किए गए हैं। कृषि क्षेत्र में खरीफ फसलों में वृद्धि की उम्मीद है, जबकि रबी तिलहन में 16.2 प्रतिशत की गिरावट का अनुमान है। राज्य के विकास के लिए आने वाले समय में बढ़ते कर्ज के बावजूद मजबूत आर्थिक स्थिति बनाए रखने का लक्ष्य है।

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