MANGO NEWS: गर्मी के मौसम की एक बात जो सभी को पसंद है वो है आम । वैसे तो आम की असली बहार बाजारों में मई के समय आती है पर अप्रैल में भी आम दिखने लगते हैं। अब ऐसे में सवाल यह उठता है कि जो आम हमें देखने में अच्छे लगते हैं क्या वो सच में सही होते हैं? आइए जानते हैं।
कई बार आम केमिकल की मदद से पकाए जाते हैं। यही वजह है कि देखने में आकर्षक लगने वाले ये आम सेहत के लिए खतरा भी बन सकते हैं। हालांकि हर जल्दी आने वाला आम नकली या केमिकल से पका हो, ऐसा नहीं है, लेकिन इस समय बाजार में ऐसे आमों की संख्या ज्यादा हो सकती है।
कौन से केमिकल का होता है यूज ?
कुछ जगहों पर आम को जल्दी पकाने के लिए उनमें कैल्शियम कार्बाइड जैसे केमिकल का यूज़ किया जाता है। यह केमिकल खाद्य पदार्थों जैसे कि फल , सब्जियों को जल्दी पकाने में काम आता है लेकिन इससे निकलने वाली गैस बहुत जानलेवा है। यही कारण है कि कई जगहों पर इस केमिकल के इस्तेमाल पर रोकथाम हुई है।
MANGO NEWS: मिलावटी आम से जुड़ी समस्याएं
केमिकल से पके आम खाने से कुछ लोगों में सिरदर्द, चक्कर, उल्टी या पेट से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों के लिए इसका असर ज्यादा हो सकता है। लंबे समय तक ऐसे फलों का सेवन करने से शरीर के लिए यह नुकसानदायक साबित हो सकता है।
कैसे पहचानें केमिकल से पके हुए आम
प्राकृतिक तरीके से पके आम में हल्की खुशबू होती है और उसका रंग पूरी तरह एक जैसा नहीं होता। वहीं केमिकल से पके आम अक्सर बाहर से एकदम पीले दिखते हैं, लेकिन अंदर से कच्चे या सख्त हो सकते हैं । कई बार इनमें स्वाद भी फीका या असामान्य लगता है। आम को तभी खरीदे जब उसका सीजन हो । उससे पहले बिकने वाले सारे आम लगभग नकली ही होते हैं।
REPORT BY- Anushka
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